जम्मू कश्मीर में NHPC की एक परियोजना बंद
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एनएचपीसी संचालित जिले की एकमात्र पनबिजली परियोजना सेवा-दो में बिजली उत्पादन ठप हो जाने से कई इलाकों में बिजली सप्लाई पर असर पड़ेगा। यहां बिजली कट बढ़ने के आसार हैं।
हालांकि, बिजली विभाग के सिस्टम एंड आपरेशन सर्कल-दो के अधीक्षण अभियंता रोमेश चंद्र मीनिया ने बताया कि सेवा-दो परियोजना से बिजली उत्पादन बंद होने से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि रोजाना शाम सात बजे से रात नौ बजे तक एनएचपीसी की सेवा-दो परियोजना बीस से पच्चीस मेगावाट बिजली उपलब्ध कराती है। अधिक सर्दी और गर्मियों के दिनों में परियोजना का योगदान ज्यादा रहता है।
इलाकों के लिए 190 मेगावाट बिजली की जरूरत
विभाग के पास वर्तमान में 600 एंपियर की क्षमता वाली सरना लाइन पर साढ़े पांच सौ एंपियर तक ही लोड है। बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार इससे जुड़े इलाकों के लिए रोजाना 180-190 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है।
गर्मियों और सर्दियों में लोड बढ़ने पर सेवा-दो परियोजना का योगदान काफी अहमियत रखता है। सर्दी बढ़ने के साथ ही यदि लोड बढ़ा तो बिजली कट के साथ ही विभाग की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
ये इलाके रहेंगे प्रभावित
सेवा-दो परियोजना से हीरानगर ग्रिड को बिजली पहुंचती है, जिससे हीरानगर, कठुआ, महानपुर, सांबा, बिश्नाह, बाड़ी ब्राह्मणा के इलाकों को भी बिजली सप्लाई की जाती है। ऐसे में इन इलाकों में बिजली कट बढ़ने के आसार हैं।