'कश्मीरी पंडित न लौटें इसलिए दी जा रही अलगाववाद को हवा'
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आरएसएस के उत्तरी भारत के संघ प्रचारक नरेंद्र कुमार ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर में बसाने को लेकर अलगाववादी एक बार फिर से पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय हो रहे हैं।
वह विरोध कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं ताकि हिंदुओं को वहां न बसाया जा सके। इसके लिए वहां की राज्य सरकार और केंद्र सरकार को नीति बनानी चाहिए। इस विरोध को जब तक सख्ती से नहीं कुचलेंगे, तब तक यह खत्म नहीं होगा।
शनिवार को वह यहां मॉडल टाउन स्थित हिंदू स्कूल में चल रहे पांच प्रांतों के 20 दिवसीय प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में भाग लेने आए थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरएसएस गलत गतिविधियों में शामिल नहीं होता है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि देश के प्रधानमंत्री आरएसएस के एजेंडे पर चल रहे हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं, लेकिन, यह कहना उचित नहीं है कि आरएसएस सरकार चला रही है। संघ प्रचारक ने कहा कि संघ के पदाधिकारी केवल मशविरा देते हैं न कि निर्णय लेते हैं।
पाकिस्तान जिंदाबाद कहने वालों को परिवार सहित वहीं भेज दें: इंद्रेश
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर देश में स्पष्ट कानून बनाने की पैरवी की है। इस कानून में सजा का प्रावधान भी हो, जिसके तहत दोषी व्यक्ति को उसके सामान एवं परिवार सहित पाकिस्तान भेज दिया जाए।
यदि उसका परिवार पाकिस्तान जाने पर सहमत नहीं होता तो उस व्यक्ति को अकेले ही वहां डिपोट कर दिया जाए। आरएसएस के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने शनिवार को कैथल में अपने आवास पर यह बात रखी।
उन्होंने कहा कि इस्लाम में अपने वतन के खिलाफ नारेबाजी को गद्दारी करार दिया गया है। इसीलिए जो व्यक्ति भारत में पाक जिंदाबाद का नारा लगाता है, वह न केवल देश से गद्दारी कर रहा है बल्कि अपने धर्म से भी बेईमानी कर रहा है। यह बात उन्हें स्वयं मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कही है इसीलिए आरएसएस का प्रस्ताव है कि देश में इस बारे में एक स्पष्ट कानून बने।