जम्मू को गवर्नर वोहरा से जगमोहन जैसी उम्मीद
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रियासत में जब राज्यपाल शासन लगा तो एक नाम सबकी जुबान पर जरूर आया, वर्ष 1984 से 1989 तक राज्य की बागडोर संभालने वाले पूर्व राज्यपाल जगमोहन और उनके कार्यकाल का। माना जाता है कि रियासत में अगर कभी विकास की लहर चली तो उनके कार्यकाल में चली।
अब फिर से राज्यपाल शासन है। ऐसे में तमाम संगठन और अवाम राज्यपाल एनएन वोहरा को जगमोहन के रूप में देखने की उम्मीद लगाए हैं। जम्मू में बना एकमात्र फ्लाईओवर पूर्व राज्यपाल जगमोहन की देन है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड भी उनकी देन है। ऐसे ही कई अन्य विकास प्रोजेक्ट हैं, जो जगमोहन के कार्यकाल में तैयार हुए। अब राज्य की जनता राज्यपाल वोहरा से भी ऐसे ही विकास की उम्मीद लगाए है। कश्मीर के बाढ़ प्रभावितों ने भी राज्यपाल शासन में कई उम्मीदें लगाई हैं।
आस लगाए हैं बाढ़ पीडि़त
राज्यपाल शासन लगने से कश्मीर के बाढ़ प्रभावितों को भी काफी उम्मीदें हैं। श्रीनगर के रहने वाले अब्दुल राशिद का बाढ़ में सब तबाह हो गया। राशिद का कहना है कि केंद्र सरकार ने चुनाव से पहले उनकी हर समस्या हल करने के लिए कहा था।
बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास को वादा किया था। अब केंद्र सरकार को चाहिए कि अब राजनीति से उठकर बाढ़ प्रभावितों की मदद की जाए।
श्रीनगर के ही रहने वाले इश्तियाक अहमद का कहना है कि जोड़-तोड़ की सरकार बनने से अच्छा है कि राज्यपाल शासन लगा। इससे उम्मीद है कि बाढ़ प्रभावितों का कुछ भला होगा।