केबल ब्रिज से खुलेगा एडवेंचर टूरिज्म का संसार
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87 वर्ग किलोमीटर की विशालकाय झील, विरासती ढांचों की शृंखला और बसोहली पेंटिंग सरीखी विरली कलाओं की नगरी। कुल मिलाकर एडवेंचर टूरिज्म का मुकम्मल पैकेज।
राज्य के प्रवेश जिला कठुआ में रावी दरिया पर बनकर तैयार केबल स्टेड ब्रिज के उद्घाटन से एडवेंचर टूरिज्म का नया संसार खुलने को बेताब है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में प्रस्तावित इंजीनियरिंग के बेमिसाल नमूने के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर सैलानियों के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।
पर्यटन विकास विभाग के इमारती ढांचों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, तो कहीं पर पहले से मौजूद सुविधाओं को बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। लखनपुर सरथल डेवलपमेंट अथारिटी प्रशासन ने बाकायदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी है।
रणजीत सागर बांध की झील का आकर्षण
दरअसल रावी दरिया पर केबल स्टेड ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है। 592 मीटर लंबे पुल पर आम ट्रैफिक के शुरू होते ही ऐतिहासिक कला नगरी बसोहली में सैलानियों की आमद रफ्त होना तय मानी जा रही है।
कला नगरी और रणजीत सागर बांध की झील का आकर्षण तो पहले से है ही, अब पुल के विहंगम नजारे भी अतिरिक्त आकर्षण बांध रहे हैं। ऐसे में पुल का उद्घाटन और उस पर नए साल की आमद का संयोग पर्यटन विकास से जुड़े अमले द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है।
लखनपुर सरथल डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. भारत भूषण के अनुसार सैलानियों को रिझाने के लिए बसोहली और सटे इलाकों को बुनियादी सुविधाओं से लैस कर दिया गया है।
टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर बसोहली, पर्यटन निदेशालय की बसोहली स्थित इमारत, टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर सतवांई, वे साइड अमेनिटीज महानपुर के अलावा महानपुर में तीन टूरिस्ट हट तैयार करने की कवायद तेजी से जारी है। मुकम्मल सुविधाएं देने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन फिलहाल सैलानियों को बुनियादी सुविधाएं देने के इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।