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Jammu News: प्राकृतिक आपदा में मुआवजा नाकाफी, किसानों को हर साल भारी नुकसान
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-वर्ष 2023 से 2024 तक फसलों को हुए नुकसान की अभी भरपाई नहीं
-इस साल भी कठुआ-किश्तवाड़ में 50 से 100 फीसदी नुकसान का अनुमान
सतीश वालिया
जम्मू। किश्तवाड़ और कठुआ में बादल फटने से बर्बाद हुई फसलों से किसानों की कमर टूट गई है। किसानों को वर्ष 2023 और 2024 में हुए नुकसान का अभी मुआवजा नहीं मिला है। इस माह भी बादल फटने और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान चिंतित हैं।
पिछले दो साल का मुआवजा न मिलने के पीछे कृषि विभाग की ओर से फसल बीमा योजना के तहत कंपनियों को बदल जाना बताया जा रहा है। इससे कंपनियां मुआवजा देने के लिए आगे नहीं आईं। 2023 में 60 फीसदी तबाह हो चुकी फसलों का मुआवजा किसानों को मिलना बाकी है। 2024 में भी तेज हवाओं के कारण फसलों का 50 फीसदी नुकसान हुआ था, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
खर्च चार हजार, मुआवजा 300 से 500 रुपये प्रति कनाल
कठुआ और किश्तवाड़ में 50 से लेकर 100 फीसदी नुकसान का आकलन विभाग ने किया है। 2022 तक किसानों को प्रति कनाल खेती में खर्च करीब चार हजार रुपये था जबकि मुआवजा 300 से 500 रुपये के हिसाब से मिला। बीमा योजना से प्रदेश भर में दो लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं। वहीं करीब 11 लाख किसान आज भी मुआवजे के लिए जिला प्रशासन पर ही निर्भर हैं।
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किसानों की मेहनत पर फिरता पानी, किए जाएं प्रबंध
किसानों की मेहनत पर पानी फिरा है। मुआवजा मात्र 300 से 500 रुपये प्रति कनाल मिला है जबकि प्रति कनाल चार हजार रुपये खर्च आ रहा है। सरकार को प्रति कनाल मुआवजा पांच हजार रुपये देना चाहिए। तभी किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी।
-तेजिंद्र सिंह, अध्यक्ष, जेएंडके किसान काउंसिल
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मुआवजे में इजाफा नहीं हुआ है। भारी बारिश से किसान हर साल बर्बाद होते हैं। फसल का उचित मुआवजा नहीं मिलता है। नुकसान के कारण किसान खेती करने से पीछे हट रहे हैं।
-कुलभूषण खजूरिया, सदस्य, किसान एडवाइजरी बोर्ड
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हर साल फसल को नुकसान होता है। ऐसे प्रावधान किए जाएं कि नुकसान में किसानों की भरपाई हो सके, लेकिन मेहनत पर भी किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है। उलटा किसान कर्ज में डूब जा रहा है।
-राजेश बिट्टू, पूर्व सदस्य, किसान एडवाइजरी बोर्ड
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नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा
किश्तवाड़ और कठुआ में फसलों को हुए नुकसान का आकलन जारी है। बीमा कंपनी को भी सर्वे करने के लिए कहा गया है। नुकसान का मुआवजा किसानों को दिलाया जाएगा। पहले की मुआवजा राशि भी दिलाई जाएगी।
-अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग
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-इस साल भी कठुआ-किश्तवाड़ में 50 से 100 फीसदी नुकसान का अनुमान
सतीश वालिया
जम्मू। किश्तवाड़ और कठुआ में बादल फटने से बर्बाद हुई फसलों से किसानों की कमर टूट गई है। किसानों को वर्ष 2023 और 2024 में हुए नुकसान का अभी मुआवजा नहीं मिला है। इस माह भी बादल फटने और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान चिंतित हैं।
पिछले दो साल का मुआवजा न मिलने के पीछे कृषि विभाग की ओर से फसल बीमा योजना के तहत कंपनियों को बदल जाना बताया जा रहा है। इससे कंपनियां मुआवजा देने के लिए आगे नहीं आईं। 2023 में 60 फीसदी तबाह हो चुकी फसलों का मुआवजा किसानों को मिलना बाकी है। 2024 में भी तेज हवाओं के कारण फसलों का 50 फीसदी नुकसान हुआ था, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला।
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खर्च चार हजार, मुआवजा 300 से 500 रुपये प्रति कनाल
कठुआ और किश्तवाड़ में 50 से लेकर 100 फीसदी नुकसान का आकलन विभाग ने किया है। 2022 तक किसानों को प्रति कनाल खेती में खर्च करीब चार हजार रुपये था जबकि मुआवजा 300 से 500 रुपये के हिसाब से मिला। बीमा योजना से प्रदेश भर में दो लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं। वहीं करीब 11 लाख किसान आज भी मुआवजे के लिए जिला प्रशासन पर ही निर्भर हैं।
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किसानों की मेहनत पर फिरता पानी, किए जाएं प्रबंध
किसानों की मेहनत पर पानी फिरा है। मुआवजा मात्र 300 से 500 रुपये प्रति कनाल मिला है जबकि प्रति कनाल चार हजार रुपये खर्च आ रहा है। सरकार को प्रति कनाल मुआवजा पांच हजार रुपये देना चाहिए। तभी किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी।
-तेजिंद्र सिंह, अध्यक्ष, जेएंडके किसान काउंसिल
मुआवजे में इजाफा नहीं हुआ है। भारी बारिश से किसान हर साल बर्बाद होते हैं। फसल का उचित मुआवजा नहीं मिलता है। नुकसान के कारण किसान खेती करने से पीछे हट रहे हैं।
-कुलभूषण खजूरिया, सदस्य, किसान एडवाइजरी बोर्ड
हर साल फसल को नुकसान होता है। ऐसे प्रावधान किए जाएं कि नुकसान में किसानों की भरपाई हो सके, लेकिन मेहनत पर भी किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है। उलटा किसान कर्ज में डूब जा रहा है।
-राजेश बिट्टू, पूर्व सदस्य, किसान एडवाइजरी बोर्ड
नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा
किश्तवाड़ और कठुआ में फसलों को हुए नुकसान का आकलन जारी है। बीमा कंपनी को भी सर्वे करने के लिए कहा गया है। नुकसान का मुआवजा किसानों को दिलाया जाएगा। पहले की मुआवजा राशि भी दिलाई जाएगी।
-अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग