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आग लगी तो, बचा नहीं पाएगी फायर ब्रिगेड

Fri, 10 Apr 2015 12:56 AM IST
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:56 AM IST
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news about poor fire brigade service in jammu

संभाग के दस जिले 45 फायर स्टेशनों पर निर्भर हैं। कई जिलों में दमकल वाहनों की जबरदस्त किल्लत है। खासकर पहाड़ी इलाकों की हालत दयनीय है। यहां आग लगने पर जंगलों को सुलगते देखने के सिवा कोई दूसरा चारा नहीं रहता।

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दूसरी तरफ दुर्गम और तंग इलाकों में आग लगने पर दमकल विभाग के बंदोबस्त नाकाफी है। सबसे बुरी हालत लेह खित्ते की है। यहां दो दमकल वाहनों से काम चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा हेरिटेज भी इस खित्ते में हैं।
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सभी जिलों में नये स्टेशनों के लिए प्रस्ताव बनाकर सौंपा हुआ है, जिसको फिलहाल अभी तक मंजूरी नहीं मिली। यही कारण है कि गर्मियों के आते ही दमकल विभाग की कार्यप्रणाली दम तोड़ जाती है।
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कुछ ही दिन में गर्मियां चरम पर होंगी। आग लगने की घटनाएं शुरू हो जाएंगी। विभाग का दावा है कि गर्मियों से निपटने को तैयारियां की गई है।

जम्मू संभाग में कुछ ऐसी है स्थिति

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संभाग में 45 फायर स्टेशन हैं। इनमें से जम्मू जिले में सबसे अधिक 12 फायर स्टेशन हैं। यहां 15 से 20 दमकल वाहन हैं, लेकिन यह नाकाफी हैं।

आरएस पुरा में एक, बिश्नाह में एक, अरनिया में एक और अखनूर में एक वाहन है। इसके अलावा संभाग के अन्य जिलों में राजोरी, पुंछ, कठुआ, सांबा, उधमपुर, रामबन, डोडा, किश्तवाड़ आदि में प्रत्येक में दो से तीन स्टेशन ही हैं।

लखनपुर से उधमपुर तक दो धार रोड पर एक भी दमकल वाहन नहीं। राजोरी, पुंछ, कठुआ और उधमपुर जिलों के कई दुर्गम उपजिलों और तहसीलों में दमकल वाहनों की जबरदस्त मांग है।

तंग गलियों के लिए सेमी दमकल वाहन

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जम्मू सहित अन्य जिलों में तंग गलियों वाले क्षेत्रों में भी दमकल विभाग के पहुंचने के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं। जम्मू शहर में तीन सेमी दमकल वाहन हैं, जो तंग इलाकों में पहुंच सकते हैं।

एक गंग्याल, एक गांधी नगर और एक पुराने शहर में। सहायक निदेशक अशोक कुमार मंगू का कहना है कि जब किसी तंग जगह पर आग लग जाए तो विभाग इन वाहनों का इस्तेमाल करता है।

तंग गलियों से निपटने के लिए विभाग के पास 150 से 200 फुट तक के पाइप हैं।

14 से दमकल सप्ताह
हर वर्ष आयोजित होने वाला दमकल सप्ताह 14 अप्रैल से शुरू होगा। छह दिन तक चलने वाले इस सप्ताह में स्कूलों, औद्योगिक क्षेत्र, कालेजों, निजी संस्थानों आदि में जागरूकता शिविर आयोजित कर जागरूक किया जाएगा।

इस वर्ष का सप्ताह ‘सुरक्षित जीवन शैली एवं प्रमाणित विद्युत उपकरण अपनाएं’ विषय पर आधारित है। 14 अप्रैल को इस दिवस को मनाया जाएगा।

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