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Jammu News: बेलपत्र की नई किस्में तैयार, नामकरण का इंतजार
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-स्कॉस्ट जम्मू ने अनुमति के लिए सरकार को भेजा प्रस्ताव
-पहले चरण में 5 हजार से ज्यादा पौधे तैयार, अगले साल से मिलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट) जम्मू ने बेलपत्र की नई किस्में तैयार की हैं। इन पौधों को घरों में उगाया जा सकेगा। स्कॉस्ट ने शोध पूरा कर लिया है। अब नाम रखने के लिए प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। दिसंबर तक पौधों को लॉंच करने की तैयारी है। शोध 2020 से लेकर मार्च 2025 तक चला।
स्कॉस्ट ने पहले चरण में 5 हजार से ज्यादा पौधे तैयार किए हैं। इन्हें लोगों को वितरित किया जाएगा। बेलपत्र के फल और टहनियों से बने उत्पाद स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। गर्मी के मौसम में टहनियों से बने शरबत के सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है। फल में कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता है। शोध में सामने आया है कि बेल पत्र से शरबत और पाउडर तैयार कर प्रयोग किया जा सकेगा। फल बुखार, पेट रोगों के लिए भी लाभदायक है। स्कॉस्ट जम्मू ने शोध पूरा होने के बाद पौधे का नाम रखने के लिए सिफारिश की है। नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद इसे लॉंच किया जाएगा।
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साल भर शिव पूजा के लिए रहती है मांग
बेल पत्र का प्रयोग सर्वाधिक शिव पूजा के लिए होता है। सावन माह में खासी मांग रहती है। पहले लोग बेलपत्र के लिए जंगलों पर आश्रित रहते थे। यहीं से आपूर्ति होती थी। अब घरों में उगने से लोग आसानी से हासिल कर सकेंगे।
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क्या है खासियत
खास बात यह है कि जितने पत्ते तोड़े जाएंगे। उतने ही पत्ते एक सप्ताह के अंदर और तैयार होंगे। पुरानी किस्मों में पत्ते आने में 15 से 20 दिन लगते थे। समय के हिसाब से पौधे का आकार भी बढ़ता रहेगा।
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दिसंबर तक लॉंच करेंगे
बेलपत्र की नई किस्मों को लॉंच करने की तैयारी है। अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है। दिसंबर तक इसे लॉंच किया जाएगा।
- प्रशांत बख्शी, एचओडी, बागवानी विभाग स्कास्ट जम्मू
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-पहले चरण में 5 हजार से ज्यादा पौधे तैयार, अगले साल से मिलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट) जम्मू ने बेलपत्र की नई किस्में तैयार की हैं। इन पौधों को घरों में उगाया जा सकेगा। स्कॉस्ट ने शोध पूरा कर लिया है। अब नाम रखने के लिए प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। दिसंबर तक पौधों को लॉंच करने की तैयारी है। शोध 2020 से लेकर मार्च 2025 तक चला।
स्कॉस्ट ने पहले चरण में 5 हजार से ज्यादा पौधे तैयार किए हैं। इन्हें लोगों को वितरित किया जाएगा। बेलपत्र के फल और टहनियों से बने उत्पाद स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। गर्मी के मौसम में टहनियों से बने शरबत के सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है। फल में कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता है। शोध में सामने आया है कि बेल पत्र से शरबत और पाउडर तैयार कर प्रयोग किया जा सकेगा। फल बुखार, पेट रोगों के लिए भी लाभदायक है। स्कॉस्ट जम्मू ने शोध पूरा होने के बाद पौधे का नाम रखने के लिए सिफारिश की है। नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद इसे लॉंच किया जाएगा।
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साल भर शिव पूजा के लिए रहती है मांग
बेल पत्र का प्रयोग सर्वाधिक शिव पूजा के लिए होता है। सावन माह में खासी मांग रहती है। पहले लोग बेलपत्र के लिए जंगलों पर आश्रित रहते थे। यहीं से आपूर्ति होती थी। अब घरों में उगने से लोग आसानी से हासिल कर सकेंगे।
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क्या है खासियत
खास बात यह है कि जितने पत्ते तोड़े जाएंगे। उतने ही पत्ते एक सप्ताह के अंदर और तैयार होंगे। पुरानी किस्मों में पत्ते आने में 15 से 20 दिन लगते थे। समय के हिसाब से पौधे का आकार भी बढ़ता रहेगा।
दिसंबर तक लॉंच करेंगे
बेलपत्र की नई किस्मों को लॉंच करने की तैयारी है। अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है। दिसंबर तक इसे लॉंच किया जाएगा।
- प्रशांत बख्शी, एचओडी, बागवानी विभाग स्कास्ट जम्मू