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Jammu Kashmir Elections 2024 : कश्मीर की सियासत में आया नया मोड़, इंजीनियर रशीद और जमात ने मिलाया हाथ
Mon, 16 Sep 2024 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 16 Sep 2024 05:28 AM IST
सार
जेल से रिहा होकर पहुंचे इंजीनियर रशीद की पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) और जमात ए इस्लामी ने हाथ मिला लिया है। दोनों के बीच गठबंधन की रविवार को घोषणा की गई। इस नए गठजोड़ से घाटी में चुनाव परिणामों में भारी उलटफेर हो सकता है।
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इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दस साल बाद हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच कश्मीर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। जेल से रिहा होकर पहुंचे इंजीनियर रशीद की पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) और जमात ए इस्लामी ने हाथ मिला लिया है। दोनों के बीच गठबंधन की रविवार को घोषणा की गई। इस नए गठजोड़ से घाटी में चुनाव परिणामों में भारी उलटफेर हो सकता है।
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इस नए गठजोड़ से नेकां-कांग्रेस गठबंधन तथा पीडीपी को घाटी में झटका लग सकता है। जमात का दक्षिण कश्मीर तो एआईपी का उत्तर कश्मीर में खासा प्रभाव है। कुलगाम व पुलवामा के कई इलाके जमात के गढ़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में इंजीनियर रशीद ने उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट पर 18 में 15 विधानसभा हलकों में जीत दर्ज की थी। रशीद की पार्टी ने इस चुनाव में पीडीपी तथा नेकां छोड़ने वाले कुछ नेताओं को भी टिकट दिए हैं।
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दोनों पार्टियों के बीच रविवार को हुई बैठक में एआईपी प्रमुख तथा सांसद इंजीनियर रशीद, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी तथा जमात नेता गुलाम कादिर वानी व अन्य मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पार्टियों ने क्षेत्र के लोगों के हितों के मद्देनजर मिलकर काम करने का फैसला किया है। कैडर को गठबंधन का संदेश पूरे क्षेत्र में प्रसारित करने को कहा गया है ताकि दोनों एक दूसरे के प्रत्याशियों का समर्थन कर सके।
सीट शेयरिंग पर बनी सहमति, तीन पर दोस्ताना मुकाबला
साथ ही दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि एआईपी कुलगाम व पुलवामा जिले में जमात समर्थित उम्मीदवारों का समर्थन करेगी, जबकि जमात पूरे कश्मीर में एआईपी प्रत्याशियों का समर्थन करेगा। उत्तरी कश्मीर के लंगेट तथा दक्षिण कश्मीर के देवसर व जैनापोरा में दोनों पार्टियों के बीच दोस्ताना लड़ाई होगी।
यूनाइटेड फ्रंट का होगा गठन
समझौते के बाद कहा गया है कि इसका लक्ष्य जमात व एआईपी प्रत्याशियों को अच्छी जीत दिलाना है ताकि यूनाइटेड फ्रंट का गठन हो सके। शांति, न्याय तथा राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में काम किया जा सके और लोगों का आकांक्षाओं व इच्छाओं के अनुरूप कार्रवाई हो सके।
प्रदेश में नेकां 51 व कांग्रेस 32 सीटों पर लड़ रही
इससे पहले नेकां, कांग्रेस और माकपा के बीच गठबंधन की चुनाव पूर्व घोषणा की गई थी। गठबंधन के तहत विधानसभा की 90 सीटों में 51 पर नेकां व 32 पर कांग्रेस लड़ रही है। माकपा तथा पैंथर्स भीम के लिए एक-एक सीट छोड़ी गई है। कुछ सीटों पर नेकां-कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार हैं। ज्ञात हो कि सात सीटें अनुसूचित जाति तथा नौ अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई है। तीन चरणों में मतदान होना है। पहले चरण के लिए 18, दूसरे के लिए 25 व तीसरे चरण के लिए एक अक्तूबर को मतदान होगा। आठ अक्तूबर को मतों की गिनती होगी।