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Jammu News: खेती में नई क्रांति... ड्रोन नमो दीदी योजना के तहत महिलाओं को 85 प्रतिशत सब्सिडी
Sat, 15 Feb 2025 02:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 15 Feb 2025 02:13 AM IST
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बिश्नाह में फूलों के खेत में पानी का छिड़काव करता ड्रोन। संवाद
- फोटो : bisnah
बिश्नाह में पहली बार गेंदे के फूलों पर ड्रोन से छिड़काव का दिया डेमो
एक घंटे में कुल आठ एकड़ क्षेत्र किया गया कवर
बिश्नाह। बिश्नाह क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से गेंदे की फसल पर ड्रोन से उर्वरक छिड़काव का डेमो दिया गया। इस मौके पर सब-डिविजनल एग्रीकल्चर अधिकारी आरएस पुरा सुरेंद्र गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक पुनीत चौधरी और विधायक राजीव भगत विशेष रूप से मौजूद रहे।
डेमो के दौरान छह एकड़ भूमि पर ड्रोन से नैनो और बायो फर्टिलाइजर का छिड़काव किया गया, जिसमें कुल एक घंटे में आठ एकड़ क्षेत्र कवर किया गया। ड्रोन को रिमोट से नियंत्रित किया जाता है और स्प्रे के लिए इसकी ऊंचाई 5 से 10 फीट के बीच रखी जाती है।
ड्रोन से खेती के फायदे
- पानी और उर्वरकों की बचत
- कम समय में अधिक क्षेत्र पर छिड़काव
- श्रम और लागत में कमी
- फसलों की बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन
ड्रोन नमो दीदी योजना से महिलाओं को मिलेगा रोजगार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रोन नमो दीदी योजना के तहत महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप को ड्रोन पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे इस तकनीक का उपयोग कर आजीविका कमा सकेंगी।
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ड्रोन की कुल कीमत 9.50 लाख रुपये तय की गई है, जिससे 7 मिनट में एक एकड़ भूमि पर छिड़काव संभव होगा। यह योजना खेती को अधिक तकनीकी, सुलभ और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग से खेती अधिक उन्नत और टिकाऊ होगी। यह न केवल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने में मदद करेगा बल्कि महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर खोलेगा। संवाद
बिश्नाह ब्लॉक में ड्रोन का डेमो पहली बार दिया गया है। किसानों को ड्रोन से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ड्रोन कृषि की आधुनिक तकनीक है। इससे किसानों को भरपूर फायदा होगा। ड्रोन के जरिए बायो फर्टिलाइजर इस्तेमाल होने से आने वाले समय में फर्टिलाइजर पर सब्सिडी का बोझ कम होगा।
पुनीत चौधरी, मुख्य वैज्ञानिक स्कॉस्ट
किसानों को कृषि में आधुनिक तकनीक से जोड़ना कृषि विभाग का मुख्य कार्य है। किसान कृषि से संबंधित किसी प्रकार की भी जानकारी के लिए विभाग से संपर्क कर सकता है।
सुरेंद्र गुप्ता, कृषि अधिकारी आरएस पुरा
ड्रोन को खेती से जोड़ने पर किसानों को फायदा होगा। व्यक्तिगत तौर पर स्प्रे करने पर सर्पदंश के मामले सामने आते हैं। इसमें किसानों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। ड्रोन से ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।
राजीव भगत, विधायक
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एक घंटे में कुल आठ एकड़ क्षेत्र किया गया कवर
बिश्नाह। बिश्नाह क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से गेंदे की फसल पर ड्रोन से उर्वरक छिड़काव का डेमो दिया गया। इस मौके पर सब-डिविजनल एग्रीकल्चर अधिकारी आरएस पुरा सुरेंद्र गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक पुनीत चौधरी और विधायक राजीव भगत विशेष रूप से मौजूद रहे।
डेमो के दौरान छह एकड़ भूमि पर ड्रोन से नैनो और बायो फर्टिलाइजर का छिड़काव किया गया, जिसमें कुल एक घंटे में आठ एकड़ क्षेत्र कवर किया गया। ड्रोन को रिमोट से नियंत्रित किया जाता है और स्प्रे के लिए इसकी ऊंचाई 5 से 10 फीट के बीच रखी जाती है।
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ड्रोन से खेती के फायदे
- पानी और उर्वरकों की बचत
- कम समय में अधिक क्षेत्र पर छिड़काव
- श्रम और लागत में कमी
- फसलों की बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन
ड्रोन नमो दीदी योजना से महिलाओं को मिलेगा रोजगार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रोन नमो दीदी योजना के तहत महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप को ड्रोन पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे इस तकनीक का उपयोग कर आजीविका कमा सकेंगी।
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ड्रोन की कुल कीमत 9.50 लाख रुपये तय की गई है, जिससे 7 मिनट में एक एकड़ भूमि पर छिड़काव संभव होगा। यह योजना खेती को अधिक तकनीकी, सुलभ और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग से खेती अधिक उन्नत और टिकाऊ होगी। यह न केवल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने में मदद करेगा बल्कि महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर खोलेगा। संवाद
बिश्नाह ब्लॉक में ड्रोन का डेमो पहली बार दिया गया है। किसानों को ड्रोन से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ड्रोन कृषि की आधुनिक तकनीक है। इससे किसानों को भरपूर फायदा होगा। ड्रोन के जरिए बायो फर्टिलाइजर इस्तेमाल होने से आने वाले समय में फर्टिलाइजर पर सब्सिडी का बोझ कम होगा।
पुनीत चौधरी, मुख्य वैज्ञानिक स्कॉस्ट
किसानों को कृषि में आधुनिक तकनीक से जोड़ना कृषि विभाग का मुख्य कार्य है। किसान कृषि से संबंधित किसी प्रकार की भी जानकारी के लिए विभाग से संपर्क कर सकता है।
सुरेंद्र गुप्ता, कृषि अधिकारी आरएस पुरा
ड्रोन को खेती से जोड़ने पर किसानों को फायदा होगा। व्यक्तिगत तौर पर स्प्रे करने पर सर्पदंश के मामले सामने आते हैं। इसमें किसानों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। ड्रोन से ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।
राजीव भगत, विधायक