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शहर में मौजूद है आतंकियों के ओजी वर्करों का नेटवर्क
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जम्मू। आतंकी संगठनों ने कश्मीर के अलावा अब जम्मू में भी अशांति फैलाने की साजिश रची है। इसके तहत वह जम्मू को बेस बनाकर हमले करने की फिराक में हैं। सूत्रो की मानें तो जम्मू के आधा दर्जन संदिग्ध क्षेत्रों में 20 से ज्यादा आतंकियों के लिए काम करने वाले ओजी वर्करों के होने का शक है। यह ओजी वर्कर खुफिया एजेंसियों के राडार पर हैं।
गुज्जर नगर, बठिंडी, नरवाल, चौआदी, बेलीचराना और सुंजवां क्षेत्र में आतंकी मददगारों के होने का शक है। पुलिस ने पिछले एक साल में जम्मू में दो आतंकी संगठनों के चीफ को पकड़ा है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक आतंकियों और इनके मददगारों को आतंकी साजिशों में दबोचा है। कश्मीर में मौजूद आतंकी संगठन हथियारों के लिए जम्मू को ट्रांजिट बना रहे हैं। इसी के लिए इन लोगों ने अपने साथ स्थानीय स्तर का नेटवर्क जोड़ा है। आतंकी संगठन अपना ट्रांजिट बनाने के लिए उक्त जगहों में मौजूद कश्मीर के रहने वाले लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनको विश्वास में लेकर अपनी गतिविधियों को चला रहे हैं। इन जगहों से पुलिस और अन्य एजेंसियां कई बार आतंकियों को दबोच चुकी है। यहां तक कि झज्जर कोटली में हमला करने वाले आतंकी भी शहर के नरवाल क्षेत्र में रुके थे।
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गुज्जर नगर, बठिंडी, नरवाल, चौआदी, बेलीचराना और सुंजवां क्षेत्र में आतंकी मददगारों के होने का शक है। पुलिस ने पिछले एक साल में जम्मू में दो आतंकी संगठनों के चीफ को पकड़ा है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक आतंकियों और इनके मददगारों को आतंकी साजिशों में दबोचा है। कश्मीर में मौजूद आतंकी संगठन हथियारों के लिए जम्मू को ट्रांजिट बना रहे हैं। इसी के लिए इन लोगों ने अपने साथ स्थानीय स्तर का नेटवर्क जोड़ा है। आतंकी संगठन अपना ट्रांजिट बनाने के लिए उक्त जगहों में मौजूद कश्मीर के रहने वाले लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनको विश्वास में लेकर अपनी गतिविधियों को चला रहे हैं। इन जगहों से पुलिस और अन्य एजेंसियां कई बार आतंकियों को दबोच चुकी है। यहां तक कि झज्जर कोटली में हमला करने वाले आतंकी भी शहर के नरवाल क्षेत्र में रुके थे।
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