भारत-पाकिस्तान की वार्ता को किया जाए ‘इन्सुलेट’: उमर
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रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए कई प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की चुनौतियों को विफल करने की लिए वार्ता को ‘इन्सुलेट’ बनाने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर बातचीत की प्रक्रिया में हमेशा से एक पार्टी है। उमर ने मोदी सरकार से राज्य के साथ भी वार्ता शुरू करने का आग्रह किया।
श्रीनगर में पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पार्टी के पुनर्निर्मित मुख्यालय का उद्घाटन करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमें दोनों देशों के बीच की वार्ता को ‘इन्सुलेट’ करने की आवश्यकता है, क्योंकि इस प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए कई प्रयास किए जाएंगे।
हमें हर हाल में ऐसे प्रयासों को विफल बनाना होगा। यह महत्व नहीं रखता है कि बातचीत कहां हो रही है, लेकिन सराहनीय बात यह है कि आखिरकार बातचीत की प्रक्रिया दोनों देशों के बीच शुरू हो गई। यह देख कर उन्हें काफी अच्छा लगा।
आंतरिक आयाम पर भी होनी चाहिए बातचीत
उमर ने कहा कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है कि बातचीत तीसरे मुल्क में हो रही है। अगर दिल्ली या इस्लामाबाद में नहीं हो सकती, अगर बैंकाक में हुई तो इसमें कोई बुरी बात नहीं। हमें इस बात की खुशी है कि भारत की विदेश मंत्री इस्लामाबाद गईं और बातचीत की प्रक्रिया को वहां जाकर शुरू किया। अब हमें इस वार्ता से कोई ठोस निकलने का इंतजार है।
भारत और पाकिस्तान के बीच की बातचीत में जम्मू-कश्मीर पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से दोनों देशों की बातचीत में एक पार्टी रहा है। इस बातचीत के आंतरिक और बाहरी दो आयाम हैं।
आंतरिक आयाम दिल्ली और राज्य के बीच वार्ता है, जबकि बाहरी आयाम दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच वार्ता है। बाहरी आयाम पर बातचीत शुरू हो गई है। उन्होंने मोदी सरकार से आंतरिक आयाम पर जल्द बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों आयामों पर बातचीत पूरी नहीं होती, तब तक कोई ठोस हल निकल पाना संभव नहीं है।