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Jammu News: मानवीय मूल्यों के पतन पर नाटक गत्त ने किया करारा व्यंग्य

Mon, 09 Oct 2023 02:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Mon, 09 Oct 2023 02:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। संडे थिएटर में दीवान-ए-आम मुबारक मंडी जम्मू में बलवंत ठाकुर के लोकप्रिय डोगरी नाटक गत्त का मंचन किया गया। कृष्ण चंद्र की प्रसिद्ध उर्दू लघु कहानी खड्डा पर आधारित यह नाटक मानवीय मूल्यों के पतन पर एक करारा व्यंग्य है। बलवंत ठाकुर ने इसे इतने समसामयिक ढंग से रूपांतरित किया है।
नाटक गत्त में दिखाया गया हर कोई अपनी जिम्मेदारियों और काम से भागता है और इसे दूसरों पर डाल देता है। नाटक में एक व्यक्ति गड्ढे में गिरा होता है और पास से गुजरने वाले लोगों से मदद की गुहार लगाता है, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं करता। सभी उसे तरह-तरह के बहाने और दलीलें देते हैैं। उसके पास से गुजरने वाला साधु उसे आशीर्वाद देता है और उसकी शांति के लिए प्रार्थना करता है। यह जानते हुए कि वह कभी भी अपने आप खड्डे से बाहर नहीं आ पाएगा, पुलिस वाला एफआईआर दर्ज करता है और उसे पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने के लिए करता है। विदेशी महिला उससे भारत और पाकिस्तान के बीच उसकी पसंद के बारे में पूछती है कि वह किसका पक्ष लेना चाहेगा? स्थिति तब और नाटकीय हो जाती है जब सड़क की हालत खराब होने की जनता की शिकायत के बाद कोई मंत्री इलाके का दौरा करता है। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने उस व्यक्ति को गड्ढे से बाहर निकालने के बजाय गड्ढे के ऊपर लकड़ी के तख्ते रख दिए और मंत्री के सार्वजनिक भाषण के लिए मंच बना दिया। यहां मंत्री ने विकास क्रांति को सूचीबद्ध किया और राजनीतिक लाभ के लिए सरकार को कोसने के लिए अपने विरोधियों पर हमला बोला। सार्वजनिक सभा खत्म हो गई, लकड़ी के तख्ते हटा दिए गए, लेकिन किसी ने गड्ढे में गिरे हुए आदमी पर ध्यान नहीं दिया। गरीबों के उत्थान के नारे बहती धूल भरी हवा में फीके पड़ जाते हैं। अंत में दर्शकों में से एक व्यक्ति आता है और सभी से इस आम आदमी की मदद करने की अपील करता है। यह नाटक उन गरीब जनता की दुर्दशा को दर्शाता है जो शीर्ष पर बैठे लोगों से मदद के अभाव में पीड़ित रहते हैं।
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नाटक में अभिनय करने वाले नटरंग कलाकारों में नेता के रूप में चिराग आनंद, आदमी के रूप में महीक्षित सिंह, कर्मचारी के रूप में मोहम्मद यासीन, ब्रिजेश अवतार शर्मा, आदेश धर, आशिक के रूप में संकेत भगत और कुशल भट्ट, विदेशी के रूप में कननप्रीत कौर, साधु के रूप में सुमित सिंह बंदराल, पुलिस सिपाही के रूप में विशाल शर्मा पुलिस सिपाही, चेला के रूप में वंश पंडोत्रा और अभिमन्यु चौधरी शामिल थे। शो का संयोजन और संचालन नीरज कांत ने किया।
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