National Doctors Day 2020: जान की परवाह किए बिना कोरोना संक्रमितों को नई जिंदगी दे रहे हैं डॉक्टर
कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टर फ्रंट लाइन वारियर्स की तरह लड़ रहे हैं। अपनी जान की परवाह किए बिना संक्रमित मरीजों को नई जिंदगी दे रहे हैं। घर-परिवार से दूर रहकर अपनी ड्यूटी तन्मयता से निभा रहे हैं। कोविड मरीजों के ऑपरेशन से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
इलाज के अलावा मेडिटेशन, योगा, गायन, काउंसलिंग से भी मरीजों का मनोबल बढ़ाया जा रहा है। मरीजों को घर जैसा माहौल दिया जा रहा है। यहां तक कि मरीज खुश रहे, इसके लिए उनके जन्मदिन पर केक काटकर शुभकामनाएं भी दी जा रही हैं। आज डॉक्टर दिवस पर कोरोना वारियर्स को शत शत प्रणाम।
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मधुमेह और हृदय रोगियों पर ज्यादा ध्यान
जीएमसी के आर्थो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव का कहना है कि यह एक सामान्य तरह का फ्लू है, लेकिन इसका संक्रमण रोकने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। खासतौर पर मधुमेह, हृदयरोग आदि बीमारियों से ग्रस्त लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी टीम कई कोविड मरीजों के ऑपरशन भी कर चुकी है। यह सारी प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण रहती है। ऑपरेशन के बाद दो हफ्ते के लिए टीम को आइसोलेट भी रहना पड़ता है।
कोविड मरीजों को दे रहे हैं घर जैसा माहौल
अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा की देखरेख में गांधीनगर कोविड (नए ब्लॉक) अस्पताल में मरीजों को घर जैसा माहौल देने का प्रयास किया जा रहा है। इस अस्पताल में आठ डॉक्टर भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें दो डाक्टरों का अभी भी इलाज चल रहा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें उचित सुविधाएं दी जा रही हैं।
14 घंटे ड्यूटी के बाद घर पर भी आइसोलेट रहती हूं- डॉ. हरलीन कौर
आईआईआईएम कोविड लैब की नोडल अफसर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरलीन कौर का कहना है कि वह लैब में सुबह 8 बजे पहुंचती हैं और दो शिफ्टों की रिपोर्टिंग तक वहीं पर रहती हैं। लैब में 15000 से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। लैब में स्टाफ सहयोगियों का हौसला बढ़ाने के साथ पूरी एहतियात बरती जाती है।
डॉ. कौर के अनुसार घर पर अलग से कमरे में रहना पड़ता है, लेकिन उन्हें इसका मलाल नहीं है। इस समय कोविड मरीजों की देखभाल के लिए उन्हें सबसे अधिक डॉक्टरों की जरूरत है। अगर डॉक्टर ही पीछे हट जाएंगे तो मरीजों का इलाज कौन करेगा। उन्होंने बताया कि परिवार में पति भी डॉक्टर हैं और वे भी अपने विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में कोविड मरीजों की सेवा से बढ़कर शायद कुछ नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी जागरूक कर रहे डॉ. विकास पाधा
श्री माता वैष्णो देवी नारायणा अस्पताल में बतौर सीनियर कंसल्टेंट आर्थोपेडिक्स एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट डॉ. विकास पाधा ने लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही अपना मोबाइल नंबर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया। वह रोजाना दस से पंद्रह लोगों को फोन पर ही परामर्श दे रहे हैं। डॉ. पाधा ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच समाज सेवा का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।