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कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के साथी दो नेताओं की हिरासत में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
Fri, 29 Nov 2019 08:11 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 29 Nov 2019 08:11 PM IST
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एमएलए हॉस्टल, यहीं नजरबंद हैं कश्मीर के कई नेता
- फोटो : अमर उजाला
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पांच अगस्त से हिरासत में रखे गए नेशनल कांफ्रेंस के दो पूर्व विधायकों को तबीयत बिगड़ने के बाद गुरूवार की रात शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इन्हें जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
पूर्व विधायक तथा नेशनल कांफ्रें स के महासचिव अली मोहम्मद सागर और गांदरबल से नेकां के पूर्व विधायक अशफाक अहमद की वीरवार रात एमएलए हॉस्टल में तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इन्हें तत्काल स्किम्स ले जाकर भर्ती कराया गया। डाक्टरों के अनुसार दोनों को हृदय संबंधी शिकायतें थीं। सागर डाउनटाउन की खानयार सीट से विधायक रहे हैं। वे फारूक तथा उमर अब्दुल्ला मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे हैं।
ज्ञात हो कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत नेकां, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। बाद में 17 सितंबर को फारूक को पीएसए में निरुद्ध कर दिया गया। पिछले 17 नवंबर को डल किनारे स्थित सेंटूर होटल में बंद 34 राजनीतिक बंदियों को एमएलए हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले महबूबा मुफ्ती को भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए चश्मे शाही से शहर में शिफ्ट किया गया था।
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पूर्व विधायक तथा नेशनल कांफ्रें स के महासचिव अली मोहम्मद सागर और गांदरबल से नेकां के पूर्व विधायक अशफाक अहमद की वीरवार रात एमएलए हॉस्टल में तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इन्हें तत्काल स्किम्स ले जाकर भर्ती कराया गया। डाक्टरों के अनुसार दोनों को हृदय संबंधी शिकायतें थीं। सागर डाउनटाउन की खानयार सीट से विधायक रहे हैं। वे फारूक तथा उमर अब्दुल्ला मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे हैं।
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ज्ञात हो कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत नेकां, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। बाद में 17 सितंबर को फारूक को पीएसए में निरुद्ध कर दिया गया। पिछले 17 नवंबर को डल किनारे स्थित सेंटूर होटल में बंद 34 राजनीतिक बंदियों को एमएलए हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले महबूबा मुफ्ती को भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए चश्मे शाही से शहर में शिफ्ट किया गया था।
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हास्टल से मिले थे मोबाइल फोन
एमएलए हॉस्टल में मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाने की सूचना पर 23 नवंबर को प्रशासन ने तलाशी ली तो 12 मोबाइल बरामद किए गए। एमएलए हॉस्टल को अस्थायी जेल बनाया गया है। जेल मैन्युअल के अनुसार यहां मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
दो पूर्व मंत्रियों की नजरबंदी की जा चुकी है समाप्त
गत 25 नवंबर को मुर्मू प्रशासन ने स्थितियों का आकलन करने के बाद उत्तरी कश्मीर के दो पूर्व मंत्रियों दिलावर मीर तथा गुलाम हसन मीर की नजरबंदी समाप्त कर दी, जबकि दो पूर्व विधायक अशरफ मीर तथा हाकिम यासीन को एमएलए हॉस्टल में बनी अस्थायी जेल से घर शिफ्ट कर दिया गया था। यह कार्रवाई 110 दिन बाद की गई है। इससे पहले शनिवार को अलग-अलग पार्टियों के चार नेताओं को उनके आग्रह पर शनिवार को कुछ घंटे परिवार वालों के साथ बिताने की अनुमति दी गई थी।
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