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भागवत के बयान को हथियार बना नेशनल कांफ्रेंस ने भाजपा पर किया वार, कहा- आरएसएस प्रमुख ने मानी यह बात

Fri, 27 Sep 2019 11:24 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 27 Sep 2019 11:24 AM IST
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National Conference targets bjp on Mohan Bhagwat's statement, jammu kashmir news
मोहन भागवत (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला, फाइल

नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अजय कुमार सडोत्रा ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने माना है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने के बाद स्थानीय लोगों को भूमि और नौकरियों में नुकसान होगा। भाजपा ने बिना कोई तैयारी के जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन किया है। इसमें क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को विश्वास में नहीं लिया गया।

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उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों में भूमि और नौकरियां खोने का डर बढ़ा है। जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता का माहौल है। खासतौर पर युवाओं में भविष्य की असुरक्षा की भावना बढ़ी है। राज्य के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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हाल ही में सरसंघचालक मोहन भागवत ने 30 देशों के पत्रकारों के साथ चर्चा की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और इसकी विचारधारा, कार्यों एवं प्रासंगिक विषयों के बारे में विचार साझा किए। इस दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने मीडिया के द्वारा अनुच्छेद 370 पर पूछे गए सवाल पर अपना पक्ष रखा।

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अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने से यह बाधा दूर हो गई है

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर के लोगों की रोजगार और जमीन खोने सहित राष्ट्रीय नागरिकता पंजी से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए । उन्होंने जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा समाप्त करने को प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर बताया।

उन्होंने कहा कि पहले जम्मू कश्मीर के लोग मुख्यधारा से अलग थलग महसूस कर रहे थे लेकिन अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने से यह बाधा दूर हो गई है जो उनके और शेष भारत के लोगों के बीच रूकावट बनी हुई थी। असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी के बारे में एक सवाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह लोगों के निष्कासन से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि जो नागरिक हैं और जो नागरिक नहीं हैं, उनकी पहचान से जुड़ा विषय है। संवाद के दौरान उन्होंने नागरिकता विधेयक का समर्थन किया।

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