फारूक अब्दुल्ला से मिला नेशनल कांफ्रेंस का प्रतिनिधिमंडल, मुलाकात के बाद देवेंद्र राणा ने कही ये बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में आज यानी कि रविवार को जम्मू के पूर्व पार्टी विधायक श्रीनगर में पार्टी अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे हैं। दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात के लिए पार्टी ने राज्यपाल से अनुमति मांगी थी। पार्टी नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व के साथ जम्मू-कश्मीर में मौजूदा परिदृश्य के साथ बीडीसी चुनाव पर चर्चा की। फारूक से मिलने से पहले इस प्रतिनिधिमंडल ने उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की।
फारूक और उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद नेशनल कांफ्रेंस के नेता देवेंद्र राणा ने कहा कि हम खुश हैं कि हमारे दोनों नेता अच्छी तरह से हैं। निश्चित रूप से वे राज्य के घटनाक्रम से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक गतिविधियां शुरू करनी है तो मुख्यधारा के नेताओं को छोड़ना होगा।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के साथ गत पांच अगस्त को पार्टी नेताओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं। प्रांतीय अध्यक्ष राणा के अनुसार डॉ. फारूक से राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की जाएगी। बीडीसी चुनाव पर अभी कोई बात नहीं हुई है। कश्मीर में पार्टी के शीर्ष नेताओं पर पाबंदियों के चलते अभी बीडीसी चुनाव में पार्टी की भागीदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नामांकन भरने की अंतिम तिथि नौ अक्तूबर करीब आ रही है।
यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीरः अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए फारूक अब्दुल्ला, देखिए तस्वीरें
स्थानीय इकाई कांग्रेस उम्मीदवारों का करेगी चयन
बीडीसी चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस में हलचल बढ़ी है। पार्टी हाई कमान ने स्थानीय इकाई को उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें जिला कमेटी, लॉ कमेटी, स्थानीय नेताओं को इसके लिए अधिकृत किया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा के अनुसार अधिसूचना जारी करने के साथ सरकार ने पार्टी नेताओं से पाबंदियां हटाई हैं। इससे वे पंच, सरपंचों से संपर्क नहीं रख पाए हैं।
बीडीसी चुनाव के नामांकन के लिए समय नहीं बचा है, जिससे बड़े पैमाने पर तैयारी करना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आगामी दिनों में त्योहारों के चलते छुट्टियां आ रही हैं। ऐसे में सरकार को बीडीसी चुनाव की नामांकन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाना चाहिए। पार्टी ने राष्ट्रहित और लोकतंत्र के लिए बीडीसी चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
शीर्ष नेताओं पर अभी भी पाबंदियां जारी रखने की निंदा की
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों के लिए नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) प्रयासरत रही है। पिछले दो महीने में राज्य में राजनीतिक गतिविधियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। उन्होंने घाटी में पार्टी के शीर्ष नेताओं पर अभी भी पाबंदियां जारी रखने की निंदा की।
उन्होंने कहा था कि मौजूदा सांसद, पांच बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने देश में लोकतंत्र के साथ जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया है।