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चुनाव परिणामों पर गुमराह कर रही भाजपा, नेकां मैदान में थी ही नहीं, इसलिए हार का कोई सवाल नहीं: राणा

Fri, 26 Oct 2018 06:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 26 Oct 2018 06:29 PM IST
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national conference leader devendra singh rana said bjp is misleading people with election results
देवेंद्र सिंह राणा - फोटो : फाइल
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि निकाय चुनाव में जीत का डंका बजाकर भाजपा जनता को गुमराह कर रही है, जबकि चुनावी आंकड़े इसके विपरीत हैं। पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का जनाधार घटा है। दिल्ली से भाजपा के नेता गलत प्रचार कर रहे हैं। नेकां मैदान में थी ही नहीं, इसलिए उसकी हार का कोई सवाल नहीं है।
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पार्टी हेडक्वार्टर पर शुक्रवार को पत्रकारों से राणा ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में ईस्ट, वेस्ट, गांधीनगर में 148081 वोट मिले थे, जबकि निकाय चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ने के बावजूद उसे 72503 वोट मिले। यानी 51 फीसदी वोट घटा। इसी तरह जम्मू वेस्ट विधानसभा चुनाव में 69627 वोट की तुलना में इस बार 34013 वोट ही मिले। गांधीनगर में 56689 वोट मिले थे और इस बार 30 हजार से कुछ अधिक मिले। ईस्ट में 21 हजार से अधिक वोट मिले थे, मगर इस बार यह घटकर 8432 रह गए।
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उधमपुर, कठुआ जिले में हीरानगर को छोड़कर भाजपा को कहीं बढ़त नहीं मिली है। कश्मीर में नूरा पहलवान की तरह भाजपा ने काम किया, जिसमें वह अकेले ही चुनावी मैदान में रही, लड़ी और जीत गई। उमर अब्दुल्ला की सरकार के दौरान 2014 लोकसभा चुनाव में श्रीनगर में 26 फीसदी, अनंतनाग में 28 फीसदी वोट पड़े थे, जबकि भाजपा के कार्यकाल में श्रीनगर में यह घटकर 7.4 फीसदी और अनंतनाग में आज तक चुनाव नहीं करवाए जा सके हैं। इन आंकड़ों से भाजपा को सबक लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुश्किल दौर से गुजर रहा है। नेकां ने चुनाव का बहिष्कार नहीं किया था जबकि स्टेट सब्जेक्ट कानून पर सरकार की नीति स्पष्ट करने तक चुनाव से दूरी बनाए रखने का फैसला लिया था। विलय दिवस को नेकां मनाती रही है, लेकिन जिन शर्तों पर जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ विलय हुआ था उस पर यथास्थिति बनाई रखी जाए। स्वायत्तता दस्तावेज में कोई भी विभाजन की बात नहीं है। नेकां विभाजन की नीतियों के खिलाफ अपने संघर्ष जारी रखेगी। इस दौरान पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया आदि मौजूद रहे। 
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