नेकां-कांग्रेस का तलाक, चुनाव में होंगे आमने-सामने
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जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस का पांच साल पुराना गठबंधन टूट गया है। कांग्रेस ने रियासत की सभी 87 सीटों पर प्रत्याशियों का खड़ा करने का फैसला किया है। जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर घोषण की है नेशनल कांफ्रेंस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
लोकसभा चुनावों में हुई करारी हार के बाद कांग्रेस के लिए यह पहला बड़ा झटका माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं।
कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव नहीं लड़ेगी नेकां
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए नेशनल कांफ्रेंस के प्रत्याशियों की पहली सूची आने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस और नेकां का गठबंधन टूट सकता है। रविवार को इसकी घोषणा भी हो गई।
हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ता भी नेकां से गठबंधन के पक्ष में नहीं थे। जिसके बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने जम्मू-कश्मीर की सभी 87 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की।
I met the Mrs Gandhi 10 days ago & thanked her for all her support. I conveyed NC's decision to fight the elections alone 1/n
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) July 20, 2014
'दस दिन पहले सोनिया गांधी से मिलने गया था'
वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को साफ कि नेशनल कांफ्रेंस इस बार कांग्रेस के साथ मिल कर चुनाव नहीं लड़ेगी। उमर ने कहा कि, मैंने दस दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को गठबंधन तोड़ने के बारे में बता दिया था।
उमर ने ट्वीट करके कहा, मैं दस दिन पहले सोनिया गांधी से मिलने गया था, मैंने उन्हें अब तक साथ देने के लिए धन्यवाद दिया और अपनी पार्टी के फैसले के बारे में बताया।
मैंने उन्हें इस बारे में बता दिया था लेकिन इस बात को मीडिया को बताकर सुर्खियां नहीं बटौरना चाहता था।
I explained the reasons but also told her I wouldn't be making a public announcement because I didn't want it to look opportunistic 2/n
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) July 20, 2014
'कांग्रेस अकेले लड़ेगी विधानसभा चुनाव'
लोकसभा में भी नेशनल कांफ्रेंस हारी
2008 में हुए विधानसभा चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस को 28 सीटें, पीडीपी को 21, कांग्रेस को 17 भाजपा को 11 और अन्य दलों को तीन सीटें हासिल हुई थीं। इसी तरह 2014 लोकसभा चुनावों में भी नेशनल कांफ्रेंस को कोई सीट सीट नहीं मिली है। भाजपा को तीन और पीडीपी को तीन सीटें हासिल हुईं थी।
कांग्रेस अकेले लड़ेगी चुनाव
अब्दुल्ला ने कहा कि गठबंधन तोड़ने का फैसला उनका अपना है। अब्दुल्ला के ट्वीट के बाद कांग्रेस ने भी यह साफ कर दिया है कि रियासत की सत्ता तक पहुंचने के लिए वह अकेले ही मैदान में उतरेगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने कहा है कि पार्टी प्रदेश के 87 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
For it to be spun now as a Cong decision is wrong & a complete distortion of the facts, not surprising but incorrect none the less 3/3
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) July 20, 2014