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Jammu News: हत्या मामले में 13 साल बाद दोषी को आजीवन कारावास
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जम्मू। पत्नी से अवैध संबंध के शक में 13 पुराने हत्या के मामले में सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू दीपक सेठी ने आरोपी गुरबचन सिंह निवासी कोटली मीर्डियां तहसील आरएस पुरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने 30 मई, 2010 को दर्शन लाल की दराट से हत्या की थी।
पुलिस के अनुसार 307, 452 और 34 के तहत आरएस पुरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। पारसिनो देवी ने मौखिक शिकायत में कहा था कि पति दर्शन लाल रंगपुर मलाना में साइकिल मरम्मत और नाई की दुकान करता है। गुरबचन और रवि कुमार दुश्मनी रखते थे। उक्त दिन वह बेटे के साथ पति को दुकान पर खाना पहुंचाने गई थी कि देखा गुरबचन सिंह और रवि कुमार दुकान में घुसे। गुरबचन सिंह के हाथ में दराट था, जिससे उसने पति पर हमला किया। हमले से बचने के लिए पति ने बाजू आगे की और आरोपी ने फिर भी वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। शोर मचाने पर आरोपी भाग गए। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की। इस दौरान पाया कि मृतक और आरोपी के बीच अच्छे संबंध थे। हालांकि गुरबचन सिंह को किसी ने उकसाया था कि उसकी पत्नी के दर्शन लाल के साथ अवैध संबंध हैं। इस वजह से आरोपी और दर्शन के बीच दुश्मनी बढ़ गई। पंचायत सदस्य द्वारा समझाया गया लेकिन आरोपी ने नहीं सुनी और 2010 को वारदात को अंजाम दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद कहा- यह सामान्य बात है कि मृत्युदंड तभी दिया जाना चाहिए जब आरोपी दुर्लभ श्रेणी में आता है। जेएनएफ
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पुलिस के अनुसार 307, 452 और 34 के तहत आरएस पुरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। पारसिनो देवी ने मौखिक शिकायत में कहा था कि पति दर्शन लाल रंगपुर मलाना में साइकिल मरम्मत और नाई की दुकान करता है। गुरबचन और रवि कुमार दुश्मनी रखते थे। उक्त दिन वह बेटे के साथ पति को दुकान पर खाना पहुंचाने गई थी कि देखा गुरबचन सिंह और रवि कुमार दुकान में घुसे। गुरबचन सिंह के हाथ में दराट था, जिससे उसने पति पर हमला किया। हमले से बचने के लिए पति ने बाजू आगे की और आरोपी ने फिर भी वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। शोर मचाने पर आरोपी भाग गए। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की। इस दौरान पाया कि मृतक और आरोपी के बीच अच्छे संबंध थे। हालांकि गुरबचन सिंह को किसी ने उकसाया था कि उसकी पत्नी के दर्शन लाल के साथ अवैध संबंध हैं। इस वजह से आरोपी और दर्शन के बीच दुश्मनी बढ़ गई। पंचायत सदस्य द्वारा समझाया गया लेकिन आरोपी ने नहीं सुनी और 2010 को वारदात को अंजाम दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद कहा- यह सामान्य बात है कि मृत्युदंड तभी दिया जाना चाहिए जब आरोपी दुर्लभ श्रेणी में आता है। जेएनएफ
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