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हर वार्ड में ठेके पर हायर होंगे आटो
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जम्मू। घरों से कचरा एकत्रित करने के लिए नगर निगम अब किराये पर ऑटो लेगा। इसके जरिये कचरा वार्डों से एकत्रित कर सीधा डंपिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा। पहले ऑटो खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सचिवालय भेजा गया था। लेकिन ऑटो खरीद के लिए बजट नहीं मिला। अब नगर निगम घरों से कचरा एकत्रित करने के लिए किराये पर ऑटो लेगा।
किराये पर लिए गए ऑटो का खर्चा निकालने के लिए नगर निगम ने योजना भी बनाई है। ठोस कचरे को घरों से एकत्रित कर एक फर्म को बेचा जाएगा। फर्म से ठोस कचरे के पैसे वसूल किए जाएंगे। इस पैसे से ऑटो का खर्चा निकाला जाएगा। ऑटो किराये पर लेने की प्रक्रिया एक माह में पूरी हो जाएगी। इसके बाद कचरा ऑटो के जरिये ही एकत्रित किया जाएगा। बाजारों में भी ऑटो से ही कचरा उठाया जाएगा। दुकानदार कचरे को ऑटो में डाल सकते हैं।
सड़क बनाने में आएगा काम
ठोस कचरे को फर्म को बेचा जाएगा। यहां से कचरा एनएच विभाग को बेचा जाना है। इसका प्रयोग सड़कें बनाने के लिए किया जाना है। मौजूदा समय में ठोस कचरे का सही प्रयोग नहीं हो रहा है। वहीं, कचरा ठिकाने लगाना नगर निगम के लिए मुश्किल हो रहा है। नगर निगम कचरे को गड्ढों में दबा रहा है।
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हर रोज 200 मीट्रिक टन ठोस कचरा
हर रोज अलग-अलग वार्डों से 200 मीट्रिक टन से ज्यादा ठोस कचरा एकत्रित होता है। मौजूदा समय में ठोस और गीला कचरे को कूड़ा संयंत्र केंद्र में ही अलग किया जाता है। अब घरों से कचरा उठाते समय ही यह अलग हो जाएगा।
ऑटो खरीदने के लिए बजट नहीं मिल पाया है। इसलिए ऑटो को कराये पर लिया जाएगा। घर-घर से कचरा एकत्रित कर फर्म को बेच दिया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा। साथ ही कचरा बेचने पर आय में बढ़ोतरी होगी।
-बलदेव सिंह बलौरिया, चेयरमैन, हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटी
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किराये पर लिए गए ऑटो का खर्चा निकालने के लिए नगर निगम ने योजना भी बनाई है। ठोस कचरे को घरों से एकत्रित कर एक फर्म को बेचा जाएगा। फर्म से ठोस कचरे के पैसे वसूल किए जाएंगे। इस पैसे से ऑटो का खर्चा निकाला जाएगा। ऑटो किराये पर लेने की प्रक्रिया एक माह में पूरी हो जाएगी। इसके बाद कचरा ऑटो के जरिये ही एकत्रित किया जाएगा। बाजारों में भी ऑटो से ही कचरा उठाया जाएगा। दुकानदार कचरे को ऑटो में डाल सकते हैं।
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सड़क बनाने में आएगा काम
ठोस कचरे को फर्म को बेचा जाएगा। यहां से कचरा एनएच विभाग को बेचा जाना है। इसका प्रयोग सड़कें बनाने के लिए किया जाना है। मौजूदा समय में ठोस कचरे का सही प्रयोग नहीं हो रहा है। वहीं, कचरा ठिकाने लगाना नगर निगम के लिए मुश्किल हो रहा है। नगर निगम कचरे को गड्ढों में दबा रहा है।
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हर रोज 200 मीट्रिक टन ठोस कचरा
हर रोज अलग-अलग वार्डों से 200 मीट्रिक टन से ज्यादा ठोस कचरा एकत्रित होता है। मौजूदा समय में ठोस और गीला कचरे को कूड़ा संयंत्र केंद्र में ही अलग किया जाता है। अब घरों से कचरा उठाते समय ही यह अलग हो जाएगा।
ऑटो खरीदने के लिए बजट नहीं मिल पाया है। इसलिए ऑटो को कराये पर लिया जाएगा। घर-घर से कचरा एकत्रित कर फर्म को बेच दिया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा। साथ ही कचरा बेचने पर आय में बढ़ोतरी होगी।
-बलदेव सिंह बलौरिया, चेयरमैन, हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटी