एलओसी परमिट व्यवस्था खत्म करने की सिफारिश
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पाकिस्तान से रिश्तों में बढ़ रहे तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की यात्रा के लिए परमिट व्यवस्था खत्म करने की कवायद शुरू की है। मुफ्ती मोहम्मद सरकार पीओके से व्यापार बढ़ाने के हक में है।
साथ ही वस्तु विनिमय व्यापार की जगह बैंकों के जरिए भुगतान की व्यवस्था के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिफारिश की गई है। व्यापार के लिए तय सूची में विस्तार के लिए भी प्रयास तेज हुए हैं।
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर से पीओके की यात्रा के लिए पासपोर्ट विभाग द्वारा परमिट जारी किया जाता है। यह सुविधा उन परिवारों के लिए है जो देश विभाजन के बाद एलओसी के दोनों ओर बंट गए थे।
परस्पर रिश्तेदारों के घर जाने के लिए जारी परमिट के तहत एक साल में तीन बार यात्रा की सुविधा दी जाती है। इसमें वापसी की अवधि भी निर्धारित होती है।
जम्मू-कश्मीर से पीओके जाने वाले कश्मीरी समय पर लौट आते हैं लेकिन पीओके से कश्मीर आने वाले लोग यहां के बेहतर माहौल के कारण भारतीय हिस्से में अधिक दिनों तक रहना चाहते हैं। पीओके के लोगों से यात्रा अवधि में विस्तार के आवेदन लगातार मिलते रहते हैं।
नौ महीनों में 11 हजार आवेदन रद्द
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एलओसी व्यापार में सुविधाएं बढ़ाने को मंजूरी दे दी है लेकिन जम्मू-कश्मीर सरकार की अन्य सिफारिशों पर विचार होना अभी बाकी है। इसमें कई मुद्दे विदेश मंत्रालय से भी संबंधित हैं, इसलिए अभी फैसले में वक्त लग सकता है।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने परमिट व्यवस्था समाप्त कर जांच के बाद दोनों ओर के लोगों को यात्रा की सुविधा देने की सिफारिश की है। वर्तमान में लगभग चार हजार आवेदन जांच के लिए लंबित हैं और पिछले नौ महीनों में सीआईडी की अनुशंसा के अभाव में दोनों ओर के लगभग 11 हजार आवेदन रद्द कर दिए गए हैं।
भाजपा और पीडीपी के गठबंधन के एजेंडे में एलओसी व्यापार और दोनों तरफ के लोगों को आसान यात्रा सुविधा को शामिल किया गया था लेकिन बाद में पाकिस्तान के साथ तनाव के कारण इन मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
वर्तमान में वस्तु विनिमय द्वारा 21 वस्तुओं के व्यापार की अनुमति है। जम्मू- कश्मीर सरकार ने व्यापार योग्य वस्तुओं की संख्या बढ़ाकर 72 करने की सिफारिश की है। साथ ही उड़ी-मुजफ्फराबाद और पुंछ-रावलकोट के व्यापार केंद्र पर दोनों देशों के बैंकों की शाखाओं के जरिए भुगतान को अनुमति देने की भी सिफारिश की गई है।