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महबूबा को विरासत सौंपने की जल्दी में नहीं मुफ्ती

Thu, 03 Sep 2015 12:14 PM IST
Updated Thu, 03 Sep 2015 12:14 PM IST
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mufti not in hurry to hand over inheritance to mehbooba mufti

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के खराब स्वास्थ्य की चर्चाओं ने भाजपा आलाकमान को भी चिंतित कर दिया। गठबंधन सरकार के घटक दल के मुखिया अमित शाह ने फोन कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना।

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इस बीच पीडीपी और सरकार की कमान सांसद महबूबा मुफ्ती को सौंपे जाने की तैयारियों की चर्चा ने भी जोर पकड़ लिया था। फिलहाल इन अटकलों पर विराम लग गया है। यह साफ हो गया है कि महबूबा को सियासी विरासत सौंपने में मुफ्ती कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते।
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दरअसल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से मुफ्ती पहली बार जम्मू-कश्मीर से नौ दिन बाहर रहे। इस दौरान वह दिल्ली होते हुए मुंबई और बंगलूरू गए। मुफ्ती के इस दौरे की आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई थी। लिहाजा कयासों के बाजार ने जोर पकड़ लिया।
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मुफ्ती ने कश्मीर जाते ही दफ्तर संभाल लिया

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महबूबा ने अब स्पष्ट किया है कि मुफ्ती अपने पुत्र से मिलने मुंबई गए थे। बंगलूरू में उनकी दूसरी पुत्री रहती है। पीडीपी ने इस दौरे को निजी बताया है। वैसे सूत्रों की मानें तो मुफ्ती का लंबे समय से मुंबई में स्वास्थ्य परीक्षण होता रहा है।

फरवरी में जब पीडीपी और भाजपा के बीच गठबंधन पर बातचीत चल रही थी, तब भी मुफ्ती अचानक दस दिन के लिए मुंबई चले गए थे। हालांकि पीडीपी की ओर से मुफ्ती की बीमारी के बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है।

मुफ्ती मुंबई से सोमवार की रात को दिल्ली आए और मंगलवार की सुबह श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। चूंकि चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था, इसलिए मुफ्ती ने कश्मीर जाते ही दफ्तर संभाल लिया। उन्होंने विधायकों और मंत्रियों से भी मुलाकात की।

आलम की रिहाई के विवादास्पद प्रकरण के बाद समीकरण बदल गए

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जहां तक महबूबा को कमान सौंपने के बारे में लगाई गईं अटकलों की बात है तो इसके पीछे भी वजह है। दरअसल गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण के बाद महबूबा मुफ्ती को केंद्र में मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी लेकिन अलगाववादी मसर्रत आलम की रिहाई के विवादास्पद प्रकरण के बाद समीकरण बदल गए।

महबूबा इस दौरान दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेताओं के संपर्क में रहीं लेकिन कश्मीर में छह माह तक उनकी सियासी गतिविधियां बिल्कुल ठप हो गई थीं।

हाल के दिनों में उनकी कश्मीर में सक्रियता फिर बढ़ गई है। वह पूरे कश्मीर का दौरा कर रही हैं। बस मुफ्ती के मुंबई प्रवास के दौरान इस सक्रियता के सियासी निहितार्थ निकाल लिए गए।

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