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Jammu News: मुफ्ती ने की गोलाबारी से प्रभावित इलाकों को युद्ध प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग

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Mufti demanded that the areas affected by shelling be declared as war affected areas
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को सरकार से अपील की कि वह सीमा पार से गोलाबारी से प्रभावित इलाकों को युद्ध प्रभावित क्षेत्र घोषित करे और गोलाबारी में जान गंवाने वालों को शहीद का दर्जा दे। उन्होंने नष्ट हुए आवासीय घरों के पुनर्निर्माण के लिए 50-50 लाख रुपये देने की भी मांग की।
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एक संवाददाता सम्मेलन में मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने सीमा पार से गोलाबारी के मद्देनजर लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का प्रत्यक्ष विवरण प्राप्त करने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुंछ, उड़ी, तंगधार और कुपवाड़ा के कई इलाकों का दौरा किया और देखा कि गोलाबारी से इन इलाकों को भारी क्षति हुई है।
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मुफ्ती ने कहा, मैं अनुरोध करती हूं कि इन सभी क्षेत्रों को युद्ध प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि उनके पुनर्वास का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जा सके। उन्होंने भारत सरकार से गोलाबारी में जान गंवाने वाले सभी लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग की। कहा कि इससे उन्हें सम्मान मिलेगा, क्योंकि वे निर्दोष थे और उनके परिवारों को भी कुछ लाभ मिलेंगे। मृतकों के परिजनों को नौकरी भी दी जानी चाहिए।
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पीडीपी अध्यक्ष ने दावा किया कि बैंक उन लोगों को बीमा देने से इन्कार कर रहे हैं, जिनकी दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में ऐसी चीजों की मांग करना सही नहीं लगता, जब लोगों को बेहतर स्कूल और विश्वविद्यालयों की मांग करनी चाहिए। केंद्र को इस बारे में सोचना चाहिए कि क्या वह लोगों को हर समय युद्ध के बारे में सोचते रखना चाहता है।




केंद्र को वाजपेयी के सिद्धांत से कुछ सीखना चाहिए ...

मुफ्ती ने कहा कि युद्ध कोई समाधान नहीं है और जो लोग युद्ध की वकालत कर रहे हैं, उन्हें अपने परिवारों के साथ सीमावर्ती इलाकों में आकर रहना चाहिए। इससे उन्हें एहसास होगा कि युद्ध वास्तव में क्या है। युद्ध किसी बात का समाधान नहीं है। दोनों तरफ हताहत हुए हैं। युद्ध के लिए हमें यही ब्याज चुकाना पड़ता है। केंद्र को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांत से कुछ सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या हासिल हुआ, इस बारे में वह नहीं कह सकतीं, लेकिन नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को परेशानी हुई है।
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