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Jammu News: छुट्टी में सेवा देने वाले 1115 एमटीएस कर्मियों को मिलेगा ढाई दिन का भत्ता
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जीएमसी इमरजेंसी की फाइल फोटो।
जम्मू। स्वास्थ्य सेवाओं में राष्ट्रीय, राजकीय अथवा रविवार छुट्टी के दिन भी सेवाएं देने वाले 1115 मल्टी टास्क सर्विस (एमटीएस) कर्मचारियों का ढाई दिन का अलाउंस बहाल किया जा रहा है। 20 जनवरी से अलाउंस अचानक बंद कर दिया गया था। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के डीन डॉ. आशुतोष गुप्ता के आदेश पर मेडिकल कॉलेज, एसएमजीएस, गांधीनगर अस्पताल सहित जम्मू संभाग के सभी संबद्ध अस्पतालों में एमटीएस कर्मियों की ड्यूटी का रोस्टर चेक किया गया है। सभी संबंधित अधीक्षकों ने जांच रिपोर्ट डीन कार्यालय को सौंप दी है। ढाई दिन के अलाउंस का लाभ पाने वाले कर्मचारियों की संख्या और बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एमटीएस कर्मियों का अलाउंस अचानक बंद कर दिया गया था। एमटीएस कर्मचारी अलाउंस बहाली की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले दिनों कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और काम बंद जैसे उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया था। अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाएं ठप होने के संभावना को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सकारात्मक रुख के बाद एमटीएस कर्मचारी संगठनों ने राहत की सांस ली है। कर्मचारी नेता अरुण शर्मा ने कहा कि वे मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते थे लेकिन चार महीने से हक मारे जाने के कारण वे मजबूर थे। अब रोस्टर वेरिफिकेशन होने और भत्ता बहाली का रास्ता साफ होने से जम्मू के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बिना बाधा सुचारु रूप से चलती रहेंगी।
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इन्हें मिलता है लाभ
अस्पतालों में छुट्टी के दिनों में भी 24 घंटे आपातकालीन और अनिवार्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की नीति के तहत एमटीएस कर्मचारियों के अलावा अन्य तकनीकी व मेडिकल स्टाफ को भी ढाई दिन का विशेष अलाउंस दिया जा रहा है। सूची में वार्डों और आईसीयू में मरीजों की चौबीस घंटे देखभाल के लिए नर्सिंग स्टाफ, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों की सहायता के लिए तैनात कर्मचारी, लैब, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जरूरी डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुचारु रखने वाले एक्सपर्ट्स के साथ ओपीडी व इमरजेंसी फार्मेसी काउंटर संभालने वाले और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य कर्मी को अलाउंस मिलता रहा है। इनमें ड्राइवर, चौकीदार, प्लंबर, स्टोर अटेंडेंट, लैब अटेंडेंट, टेलीफोन ऑपरेटर, तकनीशियन और सफाई विंग भी शामिल है।
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स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एमटीएस कर्मियों का अलाउंस अचानक बंद कर दिया गया था। एमटीएस कर्मचारी अलाउंस बहाली की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले दिनों कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और काम बंद जैसे उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया था। अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाएं ठप होने के संभावना को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सकारात्मक रुख के बाद एमटीएस कर्मचारी संगठनों ने राहत की सांस ली है। कर्मचारी नेता अरुण शर्मा ने कहा कि वे मरीजों को परेशान नहीं करना चाहते थे लेकिन चार महीने से हक मारे जाने के कारण वे मजबूर थे। अब रोस्टर वेरिफिकेशन होने और भत्ता बहाली का रास्ता साफ होने से जम्मू के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बिना बाधा सुचारु रूप से चलती रहेंगी।
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इन्हें मिलता है लाभ
अस्पतालों में छुट्टी के दिनों में भी 24 घंटे आपातकालीन और अनिवार्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की नीति के तहत एमटीएस कर्मचारियों के अलावा अन्य तकनीकी व मेडिकल स्टाफ को भी ढाई दिन का विशेष अलाउंस दिया जा रहा है। सूची में वार्डों और आईसीयू में मरीजों की चौबीस घंटे देखभाल के लिए नर्सिंग स्टाफ, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और डॉक्टरों की सहायता के लिए तैनात कर्मचारी, लैब, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जरूरी डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुचारु रखने वाले एक्सपर्ट्स के साथ ओपीडी व इमरजेंसी फार्मेसी काउंटर संभालने वाले और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य कर्मी को अलाउंस मिलता रहा है। इनमें ड्राइवर, चौकीदार, प्लंबर, स्टोर अटेंडेंट, लैब अटेंडेंट, टेलीफोन ऑपरेटर, तकनीशियन और सफाई विंग भी शामिल है।
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