आखिरी बुलेट तक कश्मीर वार्ता का इंतजार नहीं किया जा सकता : फारूक अब्दुल्ला
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नेकां के प्रधान व सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर मसले के हल के लिए पाकिस्तान के साथ सकारात्मक पहल की जानी चाहिए। इसके लिए आखिरी बुलेट तक इंतजार नहीं किया जा सकता है। घाटी में हिंसा बढ़ी है। वार्ता के बिना कोई हल नहीं निकल सकता है।
यहां पत्रकारों से रूबरू होते हुए फारूक ने कहा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है कि आखिरी बुलेट के बाद ही वार्ता पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अनुच्छेद 370 पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि नेकां का इस अनुच्छेद पर संघर्ष जारी रहेगा। राष्ट्र में गलतफहमी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कश्मीर के युवा अपने भविष्य को अंधेरे में देख रहे हैं। केंद्र जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की स्वायत्तता को बरकरार रखे। हमारे पास ऐसी कोई स्वायत्तता नहीं है जिससे हम सुनिश्चित हो सकें। यह राज्य के लोगों के सम्मान की स्वायत्तता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से कोई हल नहीं हो सकता है।
'हक की लड़ाई लड़ रहे कश्मीर के लोग'
उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेटर शाहिद आफरीदी के ट्विट पर भारत अधिकृत कश्मीर में युनाइटेड नेशनल के हस्तक्षेप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हत्याओं को रोका जाना चाहिए। कोई भी राष्ट्र इसकी इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में पीडीपी की सहयोगी भाजपा पाकिस्तान से वार्ता के लिए समर्थन नहीं कर रही है।
जबकि पीडीपी ने भी सत्ता के लिए समझौता कर लिया है। पिछले चार साल में वार्ता के लिए क्या किया गया है। उन्होंने मीडिया को भी गलत टिप्पणी करने से परहेज करने को कहा।फारूक ने कहा कि कश्मीर के लोग अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और भारत सरकार को चाहिए कि वह राज्य में स्वायत्तता को बहाल करे।
उन्होंने कहा कि अगर भारत कश्मीर के लोगों को सम्मान बहाल करना चाहता है तो उसे चाहिए जम्मू कश्मीर में स्वायत्तता को बहाल करे। कश्मीर में आये दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अगर ऐसा ही हाल रहा तो कश्मीर का कोई भी ऐसा हिस्सा नहीं होगा जहां के लोग शहादत देने के लिए तैयार नहीं होंगे। फारूक ने कहा कि मीडिया को हमारे खिलाफ चलाये जाने वाला प्रोपेगंडा बंद करना होगा।