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सैन्य अभ्यास के दौरान गोला गांव में गिरा, न फटने से हादसा टला
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ज्यौड़ियां। कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज पर सैन्य अभ्यास के दौरान एक गोला पंचायत नाथल के गांव शोआरा में एक घर के नजदीक जा गिरा। गनीमत रही कि गोला नहीं फटा लेकिन गांव के लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने फायरिंग रेंज बंद करने की मांग की है।
पंचायत नाथल के सरपंच धनी राम शर्मा ने बताया कि प्रशासन के मुताबिक उनकी पंचायत का गांव शोआरा फायरिंग रेंज के बाहर है, लेकिन शुक्रवार को फायरिंग रेंज पर अभ्यास कर रही सेना का गोला गांव में आ गिरा। अगर गोला फट जाता तो 30 घरों को नुकसान पहुंचता।
सरपंच ने कहा कि अगर गांव शोआरा फायरिंग रेंज के बाहर है तो यहां गोले क्यों गिरते हैं। सरपंच ने बताया कि हमारी पंचायत का एक गांव बली है जोकि कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज के अधीन है, लेकिन मुआवजा वहां के लोगों को भी नहीं मिलता है। उन्होंने मांग की कि उनकी पंचायत के गांव शोआरा तथा बली के लोगों को फायरिंग रेंज पर मुआवजा दिया जाए और अगर सरकार मुआवजा नहीं दे सकती है तो इस रेंज को बंद कर दिया जाए। गांवों के लोगों ने भी कहा कि हम यहां पर अब फायरिंग अभ्यास नहीं होने देंगे। हम लोग कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज पर प्रदर्शन करेंगे।
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पंचायत नाथल के सरपंच धनी राम शर्मा ने बताया कि प्रशासन के मुताबिक उनकी पंचायत का गांव शोआरा फायरिंग रेंज के बाहर है, लेकिन शुक्रवार को फायरिंग रेंज पर अभ्यास कर रही सेना का गोला गांव में आ गिरा। अगर गोला फट जाता तो 30 घरों को नुकसान पहुंचता।
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सरपंच ने कहा कि अगर गांव शोआरा फायरिंग रेंज के बाहर है तो यहां गोले क्यों गिरते हैं। सरपंच ने बताया कि हमारी पंचायत का एक गांव बली है जोकि कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज के अधीन है, लेकिन मुआवजा वहां के लोगों को भी नहीं मिलता है। उन्होंने मांग की कि उनकी पंचायत के गांव शोआरा तथा बली के लोगों को फायरिंग रेंज पर मुआवजा दिया जाए और अगर सरकार मुआवजा नहीं दे सकती है तो इस रेंज को बंद कर दिया जाए। गांवों के लोगों ने भी कहा कि हम यहां पर अब फायरिंग अभ्यास नहीं होने देंगे। हम लोग कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज पर प्रदर्शन करेंगे।
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