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500 से अधिक को आतंकी ट्रेनिंग, देश पर हमले की तैयारी!

Sun, 22 Mar 2015 08:57 PM IST
Updated Sun, 22 Mar 2015 08:57 PM IST
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more than 500 terrorist waiting to infiltrate at pok launchpad

लगातार दो दिन सांबा और कठुआ जिले में आतंक का खेल खेलने वाले आतंकी अभी और आतंकी हमला करने की साजिश रच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इसके इनपुट आए हैं। एजेंसियों ने इसके बारे में केंद्र और राज्य सरकार को भी सूचना दी है। कई धार्मिक स्थल भी आतंकियों के निशाने पर हैं।

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हमले के चलते कटड़ा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। आईबी ने पहले ही केंद्र को सूचित कर रखा है कि 60 आतंकी लांचिग पैड पर बैठे हुए हैं। इस सूचना के जारी होने के बाद ही कठुआ और सांबा में हमला हुआ। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार कठुआ के हीरानगर सेक्टर के हरियाचक से एक दर्जन आतंकवादियों ने घुसपैठ की थी।
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जो बाद में दो-दो के ग्रुप में बंट गए। इनमें से दो ने पहला हमला कठुआ में किया और मारे गए। इसके बाद दो ने सांबा में हमला किया। दोनों मारे गए। अब भी आठ आतंकी बचे हैं। इनका अगला हमला फिर से कठुआ, सांबा, विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा के आर्मी कैंप और सैन्य स्कूल हो सकते हैं।
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शनिवार को सांबा में हुआ आतंकी हमला भी सैन्य स्कूल को निशाना बनाकर किया गया था। संयोग से आतंकी स्कूल में घुसने से पहले ही ढेर कर दिए गए। नेशनल हाईवे पर स्थित सैन्य कैंप और पुलिस थाने आतंकियों के निशाने पर हैं।

फेवरिट साइट बनी हीरानगर

more than 500 terrorist waiting to infiltrate at pok launchpad

एलओसी और आरएस पुरा सेक्टर में बार-बार घुसपैठ पर मुंह की खाने वाले आतंकियों के लिए कठुआ का हीरानगर सेक्टर मददगार साबित हो रहा है। आतंकियों ने पिछले दो साल के भीतर इस क्षेत्र से पांच बार घुसपैठ कर कठुआ और सांबा जिलों में हमले किए हैं।

बेशक सेना ने आतंकियों के आने के रूट का पता न होने की बात कही हो, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इसी सेक्टर के इंटरनेशनल बार्डर से घुसपैठ हुई। कई बार यहां पर फेंसिंग काटी गई।

युवाओं को किया तैयार
पिछले दो साल में सांबा, कठुआ और आरएस पुरा में हुए आधा दर्जन आतंकी हमलों में मारे गए आतंकियों में एक चीज सामान्य है। सबकी आयु 20 से 25 वर्ष की है।

सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठनों ने 500 से अधिक युवाओं को आतंकी बनाया है। इनको विशेष रूप से फिदायीन हमलों की ट्रेनिंग दी गई है। कई को ट्रेनिंग का पहला ट्रायल ही भारत में हमला करने के लिए कराया जा रहा है।

नहीं रुक रहा सेना की वर्दी का इस्तेमाल

हर एक हमले में आतंकियों ने भारतीय सेना की वर्दी का इस्तेमाल किया है। कई बार खुले में बिकने वाली सेना की वर्दी को इस्तेमाल करने का मामला सामने आया, लेकिन इस पर संबंधित जिलों का प्रशासन अंकुश लगाने में असफल साबित हुआ है।

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