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Jammu News: शहर में 250 में 120 से ज्यादा हैंडपंप खराब, विभाग के पास मरम्मत के लिए बजट नहीं
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- कुछ हैंडपंप तीन से चार साल से पड़े हैं खराब, 50 से ज्यादा हैंडपंपों का जल स्तर गिरा
- हालात : वेयरहाउस में छह, एक ही चल रहा, प्रेम नगर व पंजतीर्थी में हैंडपंप बना शोपिस
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में 250 में 120 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनकी पाइपें जंग खा रही हैं। अभी तक इन्हें ठीक करने का काम शुरू नहीं हो पाया है। ये हैंडपंप गर्मी में तो लोगों की प्यास नहीं बुझा पाए, अब सर्दी में भी इनके ठीक होने की संभावना नहीं है। क्योंकि, भू-जल विभाग के पास मरम्मत के लिए बजट नहीं है।
हालात यह हैं कि वेयरहाउस में छह हैंडपंप लगे हैं। इसमें एक से ही पानी आ रहा है। अन्य पांच शोपिस बनकर रह गए हैं। इसी तरह प्रेम नगर में लगा हैंडपंप खराब है। इसमें पानी नहीं आता है। लोग नलों से पानी भरने को मजबूर हैं। इसी तरह पंजतीर्थी में भी हैंडपंप खराब पड़ा है। जानकारी के अनुसार कुछ हैंडपंप बीते तीन-चार साल से खराब हैं। अलग-अलग वार्डों और बाजारों में प्यास बुझाने के लिए शहर में भू-जल विभाग की ओर से 250 के करीब हैंडपंप लगाए गए थे।
इनके खराब होने का कारण, हैंडपंपों का प्रयोग कम किया जाना रहा है। प्रयोग न होने के कारण जलस्तर गिरता गया। कुछ जगहों पर हैंडपंप दयनीय स्थिति में हैं। नरवाल, सतवारी सहित हर वार्ड में दो से तीन हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। सबसे ज्यादा हैंडपंप 1990 से लेकर 2005 तक लगे हैं। अखनूर, आरएस पुरा, मीरां साहिब सहित ग्रामीण इलाकों में लगे ज्यादातर हैंडपंप भी खराब हैं।
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डीसी कार्यालय से सूची के हिसाब से होती है मरम्मत
मौजूदा समय में भू-जल विभाग के पास डीसी कार्यालय से सूची आती है। इसके बाद हैंडपंपों को ठीक किया जाता है। कई बार बजट न होने के कारण हैंडपंप ठीक नहीं हो पाते हैं।
गर्मी में शहर में 50 से ज्यादा हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया। पहले 120 मीटर तक पानी आता था। अब ये गिरकर 150 पहुंच गया है। नए सिरे से इनमें पाइपें डाली जानी हैं। इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। प्रदेश में हैंडपंपों के पानी का प्रयोग करने के लिए योजना नहीं बन पाई है।
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कोट
शहर में हैंडपंप लगाए गए हैं। विभाग के पास खराब हैंडपंप की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। कुछ को ठीक किया भी जा रहा है।
- महेंद्र मन्हास, तकनीकी अधिकारी, भू-जल विभाग
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- हालात : वेयरहाउस में छह, एक ही चल रहा, प्रेम नगर व पंजतीर्थी में हैंडपंप बना शोपिस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में 250 में 120 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनकी पाइपें जंग खा रही हैं। अभी तक इन्हें ठीक करने का काम शुरू नहीं हो पाया है। ये हैंडपंप गर्मी में तो लोगों की प्यास नहीं बुझा पाए, अब सर्दी में भी इनके ठीक होने की संभावना नहीं है। क्योंकि, भू-जल विभाग के पास मरम्मत के लिए बजट नहीं है।
हालात यह हैं कि वेयरहाउस में छह हैंडपंप लगे हैं। इसमें एक से ही पानी आ रहा है। अन्य पांच शोपिस बनकर रह गए हैं। इसी तरह प्रेम नगर में लगा हैंडपंप खराब है। इसमें पानी नहीं आता है। लोग नलों से पानी भरने को मजबूर हैं। इसी तरह पंजतीर्थी में भी हैंडपंप खराब पड़ा है। जानकारी के अनुसार कुछ हैंडपंप बीते तीन-चार साल से खराब हैं। अलग-अलग वार्डों और बाजारों में प्यास बुझाने के लिए शहर में भू-जल विभाग की ओर से 250 के करीब हैंडपंप लगाए गए थे।
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इनके खराब होने का कारण, हैंडपंपों का प्रयोग कम किया जाना रहा है। प्रयोग न होने के कारण जलस्तर गिरता गया। कुछ जगहों पर हैंडपंप दयनीय स्थिति में हैं। नरवाल, सतवारी सहित हर वार्ड में दो से तीन हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। सबसे ज्यादा हैंडपंप 1990 से लेकर 2005 तक लगे हैं। अखनूर, आरएस पुरा, मीरां साहिब सहित ग्रामीण इलाकों में लगे ज्यादातर हैंडपंप भी खराब हैं।
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डीसी कार्यालय से सूची के हिसाब से होती है मरम्मत
मौजूदा समय में भू-जल विभाग के पास डीसी कार्यालय से सूची आती है। इसके बाद हैंडपंपों को ठीक किया जाता है। कई बार बजट न होने के कारण हैंडपंप ठीक नहीं हो पाते हैं।
गर्मी में शहर में 50 से ज्यादा हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया। पहले 120 मीटर तक पानी आता था। अब ये गिरकर 150 पहुंच गया है। नए सिरे से इनमें पाइपें डाली जानी हैं। इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। प्रदेश में हैंडपंपों के पानी का प्रयोग करने के लिए योजना नहीं बन पाई है।
कोट
शहर में हैंडपंप लगाए गए हैं। विभाग के पास खराब हैंडपंप की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। कुछ को ठीक किया भी जा रहा है।
- महेंद्र मन्हास, तकनीकी अधिकारी, भू-जल विभाग