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बिजली ढांचा बदहाल, अस्पतालों में कटौती बढ़ी

Sun, 14 Sep 2014 12:17 AM IST
Updated Sun, 14 Sep 2014 12:17 AM IST
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more power cut in hosital's

बाढ़ के बाद बिजली ढांचे के पूरी तरह से बहाल न होने के कारण शहर के अस्पतालों में भी कटौती की समस्या बढ़ी है। कटौती के कारण डीजल की किल्लत में भी बढ़ोतरी हुई है।

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हालांकि फंड में एडजेस्टमेंट करके डीजल की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन भविष्य में बिजली संकट की मार अस्पतालों पर ज्यादा रहेगी। डीजल की कमी से एंबुलेंस सेवा भी प्रभावित रही है।
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पिछले दो हफ्तों के भीतर जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में बिजली कटौती बढ़ी है। गत दिनों जीएमसी की इमरजेंसी में कई घंटे बिजली गुल रही। यही नहीं आईसीयू यूनिट में कई मरीजों को एंबोसेट पर डालने की नौबत आ गई थी।
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लगातार झटके खा रहे अस्पतालों के जनरेटर

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इसका मुख्य कारण डीजल की कमी रहना भी रहा। नियमित जनरेटरों के चलने से डीजल की खपत बढ़ी है। इन अस्पतालों में सीसीयू, आईसीयू, इमरजेंसी सहित अन्य कई महत्वपूर्ण यूनिटों में नियमित बिजली सप्लाई की जरूरत रहती है लेकिन अधिक कटौती बढ़ने पर जनरेटर भी जवाब दे रहे हैं।

बिजली ढांचे को नुकसान होने के कारण अभी तक पूरी तरह से बिजली सप्लाई बहाल नहीं की जा सकी है, जिसका असर शहर के अस्पतालों पर भी देखा जा रहा है। कटौती के दौरान डीजल की कमी से जनरेटर भी नियमित चलाना संभव नहीं हो पाता है।

जीएमसी के साथ एसएमजीएस, सुपर स्पेशलिटी, साइक्रेटरी और सीडी अस्पताल में भी यह समस्या आई है। जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार पीछे से कटौती बढ़ने पर ऐसी समस्या आई है। लेकिन डीजल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।

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