मोदी सर की क्लास को कहीं हां, कहीं न
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शिक्षक दिवस पांच सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के स्कूलों में सीधे प्रसारण के लिए रियासत में कहीं हां तो कहीं न की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को प्राइवेट स्कूल यूनाइटेड फ्रंट कश्मीर ने घाटी में निजी स्कूलों में मोदी के भाषण के प्रसारण से मना कर दिया।
कश्मीर संभाग में तकरीबन दो हजार निजी स्कूल हैं। वहीं जम्मू कश्मीर प्राइवेट एसोसिएशन एसोसिएशन कश्मीर ने मोदी के भाषण का प्रसारण करने का ऐलान किया है।
हालांकि स्कूली शिक्षा विभाग कश्मीर के निदेशक की हिदायत पर कश्मीर के चुनिंदा सरकारी स्कूलों में आगामी पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने और मोदी के संबोधन संबंधी प्रसारण की तैयारियों का दावा सरकार की तरफ से किया गया है।
संसाधनों की कमी भी भाषण के प्रसारण में रोड़ा बन रही
प्राइवेट स्कूल यूनाइटेड फ्रंट कश्मीर के महासचिव गुलाम नबी वार का कहना है कि यह शिक्षा का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को सुनना अनिवार्य बनाना निंदनीय है।
वार का कहना है कि ऐसे भाषण आमतौर पर सियासी होते हैं, जिनका विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास से कोई सरोकार नहीं होता। फ्रंट ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की इस मुहिम को सियासी करार देते हुए निजी स्कूलों में मोदी के भाषण संबंधी प्रसारण को तवज्जो नहीं देने का फैसला लिया है।
फ्रंट के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री एक ऐसी सियासी जमात से संबंध रखते हैं, जिसकी विचारधारा को कश्मीर में समर्थन नहीं मिलता। उधर जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कश्मीर के प्रधान प्रो. बिशन का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के प्रसारण की तैयारी कश्मीर के निजी स्कूलों में भी की गई है।
मोदी के भाषण के विरोध को देशविरोधी बताया
जम्मू प्राइवेट स्कूल और ईटीटी इंस्टीट्यूट एसोसिएशन (प्रोग्रेसिव) के प्रधान दीप सिंह ने तथाकथित प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की प्रधानमंत्री के भाषण के प्रसारण का बहिष्कार के ऐलान को राष्ट्र विरोधी कदम बताया है।
उप मुख्यमंत्री और स्कूली शिक्षा विभाग के मंत्री तारा चंद का कहना है कि जम्मू और कश्मीर संभाग के स्कूल निदेशकों को शिक्षा दिवस मनाने के लिए हिदायतें जारी कर दी गई हैं। बाकायदा स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ शिक्षक दिवस मनाने और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के आग्रह पर अमल करने के लिए सर्कुलर भी निकाला गया है।
भाषण के लिए बदलेगा स्कूलों का समय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिक्षक दिवस पर भाषण के लिए संभाग में स्कूलों के समय में बदलाव हो सकता है। स्कूली शिक्षा विभाग जम्मू के निदेशक एचआर पखरू का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण दोपहर तीन बजे के बाद है। इसको देखते हुए जम्मू संभाग में स्कूलों के खुलने के समय में बदलाव कर सुबह आठ बजे के बजाय सुबह दस बजे किया जा सकता है।
स्कूली शिक्षा विभाग जम्मू के निदेशक एचआर पखरू का कहना है कि रियासत में लेह केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद होगा। इस संवाद के अलावा देश के विद्यार्थियों के नाम प्रधानमंत्री के भाषण के सीधे प्रसारण की तैयारी में विभाग जोरशोर से जुटा हुआ है। उनका कहना है कि इस संवाद और प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण जिन स्कूलों में टेलीविजन, कंप्यूटर या फिर दूरदराज के स्कूलों में जहां पर रेडियो की व्यवस्था है, वहां पर देखने या सुनने की व्यवस्था करने के लिए जिला स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जहां पर संसाधनों की कमी है, वहां पर कई स्कूलों के एक साथ क्लस्टर में मिलाकर भी व्यवस्था करने को कहा गया है।