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इंटरनेट न मिलने से बच्चों को हो रही पढ़ाई में मुश्किल
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ज्यौड़ियां। केंद्र सरकार देश को डिजिटल बनाने के लिये जनता से बडे़-बडे़ दावे कर रही है। लेकिन, ज्यौड़ियां के ग्रामीण मोबाइल सिग्नल के लिए तरस रहे हैं।
उपजिला अखनूर के गांव सोहल के नजदीक कोढेवाला विस्थापित कॉलोनी के युवाओं शुभम शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश, आदि ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन का सिग्नल नहीं मिल रहा है। इससे खरीदे गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड मात्र शोपीस बन कर रह गए हैं। कॉलोनी में किसी भी कंपनी का सिग्नल सही से नहीं मिल रहा है, जिसके चलते विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मोबाइल सिग्नल के लिये कॉलोनी से बाहर अखनूर या ज्यौड़ियां कस्बों की ओर जाना पड़ता है। जिसको लेकर काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। लोगों के मोबाइल मात्र शोपीस बन कर रह गये हैं। उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में जल्द से जल्द मोबाइल टावर लगाने की मांग की है।
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उपजिला अखनूर के गांव सोहल के नजदीक कोढेवाला विस्थापित कॉलोनी के युवाओं शुभम शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश, आदि ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन का सिग्नल नहीं मिल रहा है। इससे खरीदे गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड मात्र शोपीस बन कर रह गए हैं। कॉलोनी में किसी भी कंपनी का सिग्नल सही से नहीं मिल रहा है, जिसके चलते विद्यार्थी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि मोबाइल सिग्नल के लिये कॉलोनी से बाहर अखनूर या ज्यौड़ियां कस्बों की ओर जाना पड़ता है। जिसको लेकर काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। लोगों के मोबाइल मात्र शोपीस बन कर रह गये हैं। उपभोक्ताओं ने क्षेत्र में जल्द से जल्द मोबाइल टावर लगाने की मांग की है।
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