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J&K: महबूबा पर लाल हुए मंत्री लाल सिंह, बोले CBI जांच में क्या है दिक्कत

Sun, 11 Mar 2018 11:49 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू Updated Sun, 11 Mar 2018 11:49 PM IST
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Minister Lal Singh says, what is the problem in the CBI probe on kathua rasana case
lal singh - फोटो : file photo

वन मंत्री चौधरी लाल सिंह ने रसाना तथा जनजातीय मामले में मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर उनपर जमकर हमला किया। कहा कि रसाना मामले की सीबीआई जांच में क्या दिक्कत है? गुज्जरों को सरकारी भूमि पर रहने के आदेश पर बोले कि यह राजा-महाराजाओं का समय नहीं है कि मुंह से बोला और वह कानून हो गया।

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धर्म के नाम पर जम्मू के माहौल को बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। वे रविवार को जन शिकायत निवारण शिविर में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1947 से पहले धर्म के नाम पर राज्य में कभी ऐसा माहौल नहीं बना।
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राज्य में हिंदू-मुस्लिम एकता को कभी इस तरह नहीं तोड़ा गया, जैसा आज सत्ता के लालच में कुछ पार्टियां कश्मीर के बाद जम्मू में भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कुछ नहीं। सरकार भी कानून के दायरे में बंधी है। बिना मतलब के आदेश जारी कर खास लोगों को रहने के लिए संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
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कानून सबके लिए एक है। कानून से ऊपर मुख्यमंत्री भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे जिले की मांग को लेकर आंदोलन हो या फिर हीरानगर में बच्ची की मौत पर राजनीति, यह केवल सत्ता के लालची लोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या हुआ यदि मंच में हिंदू नाम है, असल बात यह है कि हिंदू एकता मंच ने कभी धर्म विशेष के नाम पर ध्यान नहीं दिया।

आपने जांच करवाई और लोगों को भरोसा नहीं, तो सीबीआई जांच करवाने में क्या दिक्कत है। इससे राज्य का माहौल खराब हो रहा है। हर कोई बच्ची को इंसाफ की बात कर रहा है। ऐसा किसी धर्म के कारण नहीं है। सत्ता के लालच में कुछ लोगों ने इसे धर्म से जोड़ा।

जिला की मांग के साथ ही गुज्जरों को सरकारी भूमि के मामले में भी यही राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी भूमि पर कब्जे के लिए कानून बनाओ, लेकिन कानून विधानसभा या संसद में बनते हैं, बैठकों में नहीं।

उन्होंने कहा कि वह अपने विभाग को साफ कर चुके हैं कि यदि वन विभाग की भूमि पर कोई कब्जा करता है, तो उस पर कानून के तहत कार्रवाई हो। यह राजा-महाराजाओं का समय नहीं है कि मुंह से बोली बात कानून हो गया।


सत्ता के लालची लोगों ने खुद को राजा-महाराजा समझ लिया है। वे भूल गए हैं कि यह जनतंत्र है। अगर जनता चाहे तो उन्हें सत्ता से नीचे भी उतार सकती है। उन्होंने कहा कि लोग धर्म-जाति की राजनीति के शिकार न बनें और आपस में एकजुट होकर रहें। 

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