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Jammu News: पलूरा की ज्योति ने किया कमाल, खोया बेचकर बनीं मालामाल
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सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव पलूरा की ज्योति देवी ने तीन वर्ष पूर्व डेयरी फार्म का कारोबार शुरू किया था। इस समय उनके पास नौ गायें हैं। वह एक दिन में एक क्विंटल दूध निकालकर उसका खोया बनाती हैं। इसे बेचकर वह अच्छी कमाई कर रही हैं।
ज्योति ने बताया कि उन्होंने उम्मीद योजना के साथ मिलकर अपना कारोबार शुरू किया था। पहले वह अमूल दूध की बिक्री करती थीं। बाद में मशीन खरीद कर उन्होंने घर पर ही खोया बनाने का काम शुरू किया। वह हर रोज 12 से 15 किलो खोया बनाकर बेच रही हैं। खोया 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से हाथोंहाथ बिक जाता है। खोया की बुकिंग की जाती है। सरकार की ओर से उन्हें सोलर प्लांट सब्सिडी पर दिया गया है। इससे बिजली की कटौती का उन पर कोई असर नहीं है। सभी मशीनें सोलर पर ही चल रही हैं। ज्योति ने बताया कि उन्हें उम्मीद योजना के तहत इस बारे में जागरूक किया गया। पशु पालन विभाग की ओर से भी उन्हें काफी मदद मिली है। उन्होंने कृष्णा डेयरी फार्म पलूरा पंजीकृत करवाया। आज वह अच्छी तरह से अपना परिवार चला रही हैं। उन्होंने दो लोगों को रोजगार भी दिया है। उनकी ओर से तैयार खोया की डिमांड बढ़ रही है। पहले दूध अधिक था। अब गर्मी के कारण दूध की कुछ कमी आई है। फिर भी वह अपनी डेयरी फार्म से 25 से 30 हजार महीना कमा रही हैं।
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ज्योति ने बताया कि उन्होंने उम्मीद योजना के साथ मिलकर अपना कारोबार शुरू किया था। पहले वह अमूल दूध की बिक्री करती थीं। बाद में मशीन खरीद कर उन्होंने घर पर ही खोया बनाने का काम शुरू किया। वह हर रोज 12 से 15 किलो खोया बनाकर बेच रही हैं। खोया 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से हाथोंहाथ बिक जाता है। खोया की बुकिंग की जाती है। सरकार की ओर से उन्हें सोलर प्लांट सब्सिडी पर दिया गया है। इससे बिजली की कटौती का उन पर कोई असर नहीं है। सभी मशीनें सोलर पर ही चल रही हैं। ज्योति ने बताया कि उन्हें उम्मीद योजना के तहत इस बारे में जागरूक किया गया। पशु पालन विभाग की ओर से भी उन्हें काफी मदद मिली है। उन्होंने कृष्णा डेयरी फार्म पलूरा पंजीकृत करवाया। आज वह अच्छी तरह से अपना परिवार चला रही हैं। उन्होंने दो लोगों को रोजगार भी दिया है। उनकी ओर से तैयार खोया की डिमांड बढ़ रही है। पहले दूध अधिक था। अब गर्मी के कारण दूध की कुछ कमी आई है। फिर भी वह अपनी डेयरी फार्म से 25 से 30 हजार महीना कमा रही हैं।
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