{"_id":"5d8a02ca8ebc3e93a76ff13f","slug":"militants-weapon-loot-incidents-to-get-increase-in-kashmir-valley","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में आतंकियों के पास हथियारों का टोटा, बढ़ सकती हैं हथियार लूटने की वारदातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में आतंकियों के पास हथियारों का टोटा, बढ़ सकती हैं हथियार लूटने की वारदातें
Tue, 24 Sep 2019 05:19 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 24 Sep 2019 05:19 PM IST
विज्ञापन
सुरक्षाबल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगने से सुरक्षा एजेंसियों को कुछ हद तक राहत है। लेकिन इस अंकुश के पीछे आतंकियों के पास हथियारों का टोटा होना भी एक एक कारण है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकियों के पास हथियारों की कमी है। इसी वजह से आतंकी किसी वारदात को अंजाम देने से पहले हथियार लूट रहे हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों से हथियार लूटने की घटनाएं और भी हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अपने ओवर ग्राउंड वर्करों पर हथियार मुहैया कराने का दबाव बना रहे हैं। हथियारों की तस्करी का एक रूट कठुआ और पंजाब का बार्डर भी है। सूत्रों का कहना है कि बार्डर से ओवर ग्राउंड वर्कर हथियारों को कश्मीर पहुंचा रहे हैं। एक साल पहले झज्जर कोटली में मारे गए आतंकी भी कठुआ की तरफ से ही हथियार लेकर श्रीनगर जा रहे थे।
पिछले दिनों ही लखनपुर में पकड़े गए आतंकी भी हथियार लेकर आ रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्करों पर आतंकी हथियार मुहैया कराने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन कश्मीर में सुरक्षा बलों के सख्त पहरे में ऐसा मुमकिन नहीं हो पा रहा। किश्तवाड़ जिले में दो वारदातों में हथियार लूटे गए थे। इसके अलावा शोपियां, पुलवामा में भी सुरक्षा बलों से हथियार लूटकर आतंकी वारदातों को अंजाम देने की घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अपने ओवर ग्राउंड वर्करों पर हथियार मुहैया कराने का दबाव बना रहे हैं। हथियारों की तस्करी का एक रूट कठुआ और पंजाब का बार्डर भी है। सूत्रों का कहना है कि बार्डर से ओवर ग्राउंड वर्कर हथियारों को कश्मीर पहुंचा रहे हैं। एक साल पहले झज्जर कोटली में मारे गए आतंकी भी कठुआ की तरफ से ही हथियार लेकर श्रीनगर जा रहे थे।
विज्ञापन
पिछले दिनों ही लखनपुर में पकड़े गए आतंकी भी हथियार लेकर आ रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्करों पर आतंकी हथियार मुहैया कराने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन कश्मीर में सुरक्षा बलों के सख्त पहरे में ऐसा मुमकिन नहीं हो पा रहा। किश्तवाड़ जिले में दो वारदातों में हथियार लूटे गए थे। इसके अलावा शोपियां, पुलवामा में भी सुरक्षा बलों से हथियार लूटकर आतंकी वारदातों को अंजाम देने की घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन