सावधान : सीमा पार और रियासत के अंदर आतंकी सक्रिय
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भले ही श्री अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्वक और बिना किसी आतंकी विघ्न के पार हो गई लेकिन यात्रा समाप्त होने के बाद से अचानक आतंकी वारदातों में तेजी आ गई है। एक ओर जहां सीमा पार बैठे आतंकी घुसपैठ की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर रियासत में घुस चुके आतंकी लगातार वारदातों को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं।
इतना ही नहीं, पाकिस्तानी सेना भी आतंकियों को समर्थन देने में किसी तरह से बाज नहीं आ रही है। इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दस दिनों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाक ने आठ बार सीजफायर का उल्लंघन किया।
इसमें बीएसएफ के जवान शहादत पाने के अलावा गंभीर रूप से घायल भी हुए। साथ ही सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीण भी पाक की गोलाबारी का शिकार हुए हैं। भले वह अरनियां सेक्टर का मामला हो या फिर आरएस पुरा सेक्टर का।
घुसपैठ कराने के लिए हो रही है गोलीबारी
इन क्षेत्रों में अचानक कब गोलाबारी शुरू हो जाएगी, किसी को नहीं पता। यही हाल लाइन आफ कंट्रोल का है। जहां पुंछ सेक्टर में लगातार गोलाबारी की घटनाएं हो रही हैं।
यही हाल रियासत के अंदरूनी हिस्से का है, जहां सक्रिय आतंकी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पिछले छह दिनों में आतंकियों ने तीन बार सुरक्षा बलों के काफिले पर हमला किया।
इसमें पांच जवान शहीद हो गए, जबकि 13 गंभीर रूप से घायल हो गए। खासकर दक्षिण कश्मीर का इलाका आतंकियों की शरणस्थली बना हुआ है।
लगातार कर रहे हैं आतंकी हमले
पुलवामा में 11 अगस्त को आतंकियों ने बीएसएफ की कानवाई पर हमला किया था, जिसमें सात जवान जख्मी हो गए थे। काफिला श्री अमरनाथ यात्रा में ड्यूटी देने के बाद लौट रहा था।
दूसरा हमला जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम पर हुआ, जिसमें दो पुलिस कर्मियों के अलावा एक नागरिक की मौत हो गई थी।