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'अक्षयपात्र' से बच्चों को मिलेगी मिड-डे मिल, जम्मू और सांबा में शुरू होगी योजना
ब्यूरो/अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:11 PM IST
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महबूबा सरकार ने किया करार
- फोटो : फाइल फोटो
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राज्य सरकार की शिक्षा राज्यमंत्री प्रिया सेठी ने कहा शिक्षकों को पढ़ाई के साथ साथ अतिरिक्त भार से मुक्त करने के लिए मिड डे मिल योजना को आउटसोर्स करने की तैयारी कर रही है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को टीचिंग लर्निंग प्रोग्राम की दिशा में पूरी तरह से ध्यान देने की छूट देना है।
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सेठी कर्नाटक की एनजीओ अक्षयपात्र फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थी। इस दौरान उन्होंने एनजीओ के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्त्रस्मों उसकी कार्यप्रणाली और इस योजना के प्रभावों के विषय में जानकारी ली। इस दौरान हुई चर्चा के बाद ये निष्कर्ष निकला कि शुरूआती तौर पर इसे जम्मू और सांबा जिले में शुरू किया जाएगा।
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इस क्त्रस्म में मंत्री और संस्था के लोगों द्वारा जम्मू व सांबा जिले में चार स्थानों पर सेंट्रल किचन की स्थापना के लिए उपयुक्त जगह का चयन किया जाएगा। इस दौरान दोनों जिलों के करीब 65000 छात्र इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे। अगर ये योजना सफल हुई तो इसे आगे जम्मू और कश्मीर संभाग के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
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इस दौरान बैठक में परियोजना निदेशक एस. नरसिम्हा दास,स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक रविन्दर पाल सिंह, रम्सा के राज्य परियोजना अधिकारी तुफैल मट्टू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मिड-डे मिल के उत्पादन के क्षेत्र में काम करने वाली सबसे बड़ी एनजीओ के साथ आने से राज्य के विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी इससे स्कूलों में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी और इसी शैक्षिक उत्पादकता का भी विकास हो सकेगा।