बडगाम एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच में आशंका, अपनी ही मिसाइल का निशाना बनने का संदेह
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एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के साथ उत्पन्न तनाव के दौरान बडगाम में दुर्घटनाग्रस्त एमआई-17 हेलीकाप्टर की चल रही जांच में यह संभावना जताई गई है कि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने गलती से इसे गिरा दिया गया होगा।
जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि हो सकता है कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने दोस्त या दुश्मन (आईएफएफ) प्रणाली पर स्विच नहीं किया हो जो उड़ने वाली वस्तु की पहचान करता है कि क्या यह दुश्मन की है या अपनी है। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि पायलट ने गलती से इसे स्विच नहीं किया या फिर उपकरण में किसी प्रकार की खराबी थी।
वायुसेना ने उन अटकलों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया है कि वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने की आशंका है। वायुसेना के प्रवक्ता ने कहा कि कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी किसी दुर्घटना का कारण बताने से पहले सभी संभावनाओं पर गौर करती है।
इस मामले में भी कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी हर उस संभावना पर गौर कर रही है जिसके कारण यह दुर्घटना होने की आशंका है। जांच रिपोर्ट सौंपे जाने से पहले इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना जल्दबाजी होगा।
बता दें कि पाकिस्तान के बालाकोट में 26 फरवरी को हवाई हमलों के बाद वायु रक्षा प्रणाली अधिक अलर्ट पर थी। कश्मीर क्षेत्र में 27 फरवरी को हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार छह कर्मियों की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों के 27 फरवरी की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किए जाने के प्रयास के तुरंत बाद सुबह 10:10 बजे श्रीनगर हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर बडगाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेलीकाप्टर स्कवार्डन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ उड़ा रहे थे।
इस्रायल में बनी थी फायर की गई मिसाइल
जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि मिसाइल को रोकने के लिए मिसाइल डिफेंस फ्लेम का उपयोग किया गया था या नहीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एयर डिफेंस मिसाइल इस्रायल में निर्मित थी, जिसे पुलवामा हमले के बाद सीमा पर चल रही तनातनी को देखते हुए तैनात किया गया था।
क्या हुआ था उस दिन
बालाकोट एयर स्ट्राइक का जवाब देने के लिए 27 फरवरी को पाकिस्तान के 25 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की थी। जिसका जवाब देने के लिए भारत ने सीमा पर वायु सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया था। पहले से जारी खुफिया अलर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तानी जेट विमान भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए भारतीय वायुसीमा में प्रवेश कर सकते हैं।
यूएवी और हेलीकॉप्टर में गलतफहमी
इसके अलावा इस बात की भी सूचना थी कि पाक ने कुछ सशस्त्र यूएवी भी तैनात किए हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि एमआई 17 वी5 हेलीकॉप्टर और यूएवी की उड़ान में समानता के कारण गलतफहमी हो गई हो। क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो संभावना थी कि पाक के ड्रोन्स भारतीय एयरबेस को निशाना बना सकते थे।
क्या एयर डिफेंस अलर्ट के बाद नियमों के पालन में हुई थी लापरवाही
रिपोर्ट में बताया गया कि जब एयर डिफेंस अलर्ट जारी होता है तो कई नियम ऐसे हैं जिनको परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों को पालन करना अनिवार्य होता है। उनके उड़ान का पथ भी पहले से निर्धारित होता है। इसके अलावा विमान को अपने मित्र या दुश्मन पहचान स्विच को ऑन करना होता है। जांचकर्ता उन सभी खामियों की पड़ताल कर रहे हैं जिससे यह दुर्घटना हुई।