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अलगाववादियों के फंडिंग की गहन जांच की तैयारी में केंद्र सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 20 Jul 2015 08:49 PM IST
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घाटी के अलगाववादी नेता और हुर्रियत कांफ्रेंस के सदस्य फिरदौस अहमद शाह के 26/11 मुंबई आतंकी हमले के फाइनेंसर से संबंध होने और मनी लॉड्रिंग के जरिए इटली से तीन करोड़ रुपये मिलने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खुलासे के बाद गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है।
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मंत्रालय ने सोमवार को ईडी से मामले का पूरा ब्योरा मांगा है। मंत्रालय के मुताबिक, इस आधार पर अन्य संदिग्ध अलगाववादी नेताओं की जांच की संभावना पर विचार किया जा रहा है। साथ ही शाह के टेरर लिंक के मद्देनजर आगे भी जांच की जाएगी। शाह कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की हुर्रियत कांफ्रेंस के सदस्य हैं।
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गृह मंत्रालय के मुताबिक, अगर पैसे के किसी भी लेनदेन का संबंध आतंकवाद से है तो बिना समय गंवाए उसकी गहरी तहकीकात जरूरी है। ईडी ने मनी लॉड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत यह जांच की है।
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टेरर लिंक आते ही गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के दायरे में इसकी जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि ईडी ने आरोप लगाया है कि शाह ने 2007 से 2010 के बीच मनी लॉड्रिंग के जरिए तीन करोड़ रुपये प्राप्त किए।
सूत्रों ने बताया कि 26/11 जैसे किसी भी बड़ी आतंकी वारदात में फंडिंग का अहम रोल होता है। सरकार टेरर फंडिंग को रोकने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। घाटी में पिछले कुछ महीनों से कई तरह की संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रहीं है। संभव है कि विदेशी एजेंसियों के जरिए वहां मोटी रकम भेजी जा रही हो।