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श्रीनगर में महबूबा: विशिष्ट पहचान पत्र बनाकर कश्मीरियों पर नजर रखने की तैयारी, घाटी के लोगों पर संदेह
Tue, 13 Dec 2022 01:55 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 13 Dec 2022 01:55 AM IST
सार
महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाना 2019 के बाद से बढ़ते विश्वास घाटे का प्रतीक है। कश्मीरियों को गहरे संदेह के साथ देखा जाता है और यह उनके जीवन पर लोहे की पकड़ को मजबूत करने के लिए एक और सर्विलांस की रणनीति है।
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में सभी परिवारों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की योजना कश्मीर के लोगों के जीवन पर पकड़ को मजबूत करने के लिए सर्विलांस की रणनीति है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर के लोगों को गहरे संदेह की दृष्टि से देखा जाता है और प्रस्तावित योजना बढ़ते विश्वास घाटे का प्रतीक है। विशेष रूप से 2019 के बाद जब जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था।
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महबूबा ने अपने ट्विटर हैंडल पर किए गए एक ट्वीट में लिखा, जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाना 2019 के बाद से बढ़ते विश्वास घाटे का प्रतीक है। कश्मीरियों को गहरे संदेह के साथ देखा जाता है और यह उनके जीवन पर लोहे की पकड़ को मजबूत करने के लिए एक और सर्विलांस की रणनीति है।
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विशेष रूप से, जम्मू और कश्मीर में सभी परिवारों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की योजना का अनावरण हाल ही में कटड़ा में ई-गवर्नेंस पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में किया गया था। यहां जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डिजिटल जम्मू-कश्मीर विजन दस्तावेज को रिलीज किया।
प्रशासन ने कहा कि योजना के पीछे का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के पात्र लाभार्थियों का आसान चयन है। डेटाबेस जम्मू-कश्मीर में प्रत्येक परिवार की पहचान करेगा और डिजिटल प्रारूप में परिवार की सहमति के साथ परिवार का बुनियादी डेटा एकत्र करेगा।