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ईडी की कार्रवाई को महबूबा ने दिया सियासी रंग: मां को भेजा गया समन तो सरकार पर लगा दिया गंभीर आरोप
Tue, 06 Jul 2021 05:55 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 06 Jul 2021 05:55 PM IST
सार
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर एक बार फिर पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने सवाल उठाया है।
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महबूबा मुफ्ती
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विस्तार
महबूबा मुफ्ती की मां को मंगलवार को ईडी की ओर से समन भेजा गया है। इस मामले को महबूबा ने राजनीतिक रंग दे दिया है। महबूबा ने कहा कि जिस दिन पीडीपी ने परिसीमन आयोग से नहीं मिलने का फैसला किया, ईडी ने मेरी मां को अज्ञात आरोपों के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन भेज दिया। आगबबूला हुईं महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के अपने प्रयासों में, भारत सरकार वरिष्ठ नागरिकों को भी नहीं बख्शती। एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियां अब उनको फायदा पहुंचाने के उपकरण हैं।
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बता दें कि परिसीमन आयोग के दौरे को लेकर पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि पीडीपी परिसीमन आयोग को यह पत्र भेज रही है। लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए कोई आधारभूत कार्य नहीं किया गया है। राजनीतिक गतिविधि के लिए कोई विश्वसनीय कदम नहीं उठाए गए हैं। जिसको देखते हुए परिसीमन आयोग की बैठक में पीडीपी शामिल नहीं होगी। पीडीपी महासचिव जीएन हंजुरा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ठेस पहुंचाने के लिए परिसीमन आयोग के अभ्यास को पूर्व नियोजित होने का आरोप लगाया गया है।
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आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई को लिखे गए पत्र में पीडीपी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल दिया गया। जम्मू-कश्मीर के लोगों से उनके अधिकार छीन लिए गए। जिसका क्रम अभी भी जारी है। देश भर में परिसीमन प्रक्रिया को 2026 तक रोक दिया गया है लेकिन जम्मू-कश्मीर अपवाद बना दिया गया है।
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