महबूबा मुफ्ती: तालिबान अब एक हकीकत, महिलाओं को अधिकार देकर असली शरिया की तरह करना चाहिए शासन
महबूबा का कहना था कि अगर तालिबानी अफगानिस्तान पर शासन करना चाहते हैं, तो उन्हें वास्तविक शरिया नियमों का पालन करना चाहिए।
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जम्मू-कश्मीर की पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि तालिबान अब एक हकीकत बन चुका है। उन्होंने कहा कि तालिबान को 'असली शरिया' कानून के तहत अफगानिस्तान पर शासन करना चाहिए।
उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पहले की छवि मानवता और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ थी। महबूबा ने कहा कि अगर तालिबानी अफगानिस्तान पर शासन करना चाहते हैं, तो उन्हें वास्तविक शरिया नियमों का पालन करना चाहिए।
जिसमें महिलाओं के अधिकार शामिल हैं न कि शरिया को लेकर उनकी व्याख्या। उन्होंने कहा कि अगर तालिबानी वही करते हैं जो उन्होंने 90 के दशक में किया था, तो यह न केवल अफगानिस्तान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी मुश्किल होगा।
#WATCH | Taliban is emerging as a reality. They had an image of anti-human rights during their first rule. They can set an example for the world if they follow the real Sharia law which includes women rights,& not their interpretation of Sharia: PDP chief Mehbooba Mufti in Kulgam pic.twitter.com/00vTqNdKXQ— ANI (@ANI) September 8, 2021
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इससे पहले श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अफगानिस्तान में बनी तालिबान की सरकार को लेकर बयान दिया। उनका कहना था कि अफगानिस्तान एक अलग देश है। उन्होंने कहा कि तालिबान को कोशिश करनी चाहिए कि हर देश के साथ अपने संबंध विकसित करें।
श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि तालिबान को अफगानिस्तान में इस्लामिक नियमों के आधार पर शासन करना चाहिए। दुनिया के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने चाहिए। इसी के साथ फारूक अब्दुल्ला ने यह उम्मीद जताई कि उन्हे लगता है कि तालिबान हर किसी से इंसाफ करेगा।