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महबूबा मुफ्ती बोलीं: देश में नहीं चलेगी गोडसे की सियासत, नफरत की राजनीति से बांटा जा रहा देश

Wed, 22 Dec 2021 04:05 PM IST
करिश्मा चिब अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 22 Dec 2021 04:05 PM IST
सार

इंदिरा गांधी और अटल बिहारी बाजपेई ने तो जंग जीतकर दिखाई लेकिन चाइना ने लद्दाख में हजारों कनाल जमीन पर आप कब्जा जमा लिया है।

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Mehbooba Mufti said: Godse's politics will not work in the country, the country is being divided by the politics of hatred
महबूबा मुफ्ती - फोटो : ANI

विस्तार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि भाजपा और संघ की गोडसे की सियासत हमारे मुल्क में नहीं चलेगी। नफरत और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति से देश आगे नहीं बढ़ पा रहा है और जम्मू-कश्मीर में भी शांति स्थापित नहीं हो रही है। जम्मू के सुंजवा क्षेत्र में मस्जिद की ग्राउंड पर पीडीपी कार्यकर्ताओं के अधिवेशन को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा, नेहरू और गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश को स्वतंत्र करवाने के लिए संघर्ष करने वाले मोहम्मद अली जिन्हा को हमारे देश में लोग इसलिए पसंद नहीं करते हैं कि उन्होंने हिंदू और मुस्लिम की राजनीति कर हमारे देश का धर्म के नाम पर बंटवारा किया। 

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उन्होंने कहा देश को स्वतंत्र करवाने का जब संघर्ष गांधी जी की अगुवाई में चल रहा था तब जन संघ के लोग अंग्रेजों के तलवे चाटते थे। यही लोग धर्म के नाम पर राजनीति कर आज सत्ता में आकर हमे देश भक्ति सिखाते हैं, जबकि सच्चाई तो यह है कि जन संघ के कार्यालयों में यह लोग देश का झंडा तक नहीं लगाते। इन्हें केवल हिंदू व मुसलमान को लड़ाना आता है बस। 
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उन्होंने कहा, हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक जनरल जिया उल हक ने मुल्क में सही तरीके से इस्लाम लागू करने के नाम पर सत्ता पर कब्जा किया था, लेकिन क्या हुआ, उसने लोगों के हाथो में बंदूक थमा दी। उसका नतीजा आज तक पाकिस्तान भुगत रहा है। जनरल जिया उल हक की राह पर भाजपा और जन संघी भी चल रहे हैं।

हमारे यहा लिंचिंग करने वालों को हार पहनाए जा रहे हैं। पाकिस्तान में भी श्रीलंका के नागरिक की लिंचिंग हुई लेकिन वहां के पीएम ने इसकी निंदा तो की। हमारे प्रधानमंत्री निंदा तक नहीं करते। 

भाजपा ने बेरोजगारी दर बढ़ाकर 22 फीसदी की
देश में 25 करोड़ मुस्लिम हैं, लेकिन उन्हें मुस्लिम नहीं बाबर और औरंगजेब की औलाद कहकर बुलाया जा रहा है। क्या नफरत की राजनीति से देश आगे बढ़ सकता है। देश में भुखमरी की हालत तो यह है कि नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान भी हमसे बेहतर हैं। 

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद दूध की नदियां बहाने का वाद करने वाली भाजपा सरकार ने यहां पर बेरोजगारी की दर बढ़ाकर 22 फीसदी करने का कारनामा किया है। पूरे देश को चिड़िया घर बनाने वालों ने आरएस पुरा में घराना वैटलैंड में चिड़िया घर बनाने के नाम पर किसानो की भूमि छीनने का काम किया है। 

इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ युद्धों में देश को जीत दिलाई लेकिन चीन द्वारा लद्दाख में हजारों कनाल भूमि पर कब्जा करने के बावजूद भी अब के प्रधानमंत्री का मुंह नहीं खुलता। अनुच्छेद 370 हटाने के नाम पर यूपी, बिहार व देश के अन्य राज्यो में वोट जरूर मांगते हैं। यह केवल नफरत फैलाते हैं। 

नफरत की राजनीति में कश्मीरी बोल नहीं पा रहा
महबूबा ने कहा कि हर जंग में पाकिस्तान के खिलाफ कश्मीरी उठ खड़ा होता रहा है, लेकिन अब इनकी नफरत की राजनीति से कश्मीरी नहीं बोल पा रहा। जम्मू-कश्मीर को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया गया है। बिजली विभाग के सरकारी कर्मचारियो ने अपने हक की आवाज उठाई तो इन्होंने सेना बुला ली।


अब यह देश के अन्य हिस्सो में भी ऐसा ही करेंगे। किसानों के आंदोलन को कुचलने के लिए इन्होंने उनको खालिस्तानी, पाकिस्तानी, देश विरोधी कहा, लेकिन किसानों ने बंदूक व पत्थर नहीं उठाए। शांतिपूर्ण तरीके से डटे रहे अैर उनको जीत मिली। जम्मू-कश्मीर के लोग भी अब एकजुट रहे तो अंत में इनको अनुच्छेद 370 व 35ए बहाल करना पड़ेगा और माफी भी मांगनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा, लद्दाख संभाग के लेह और कारगिल जिलों के लोगो ने एकजुट होकर अपने हकों की रक्षा की है। जम्मू-कश्मीर के लोग भी एकजुट हो जाने चाहिएं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष चौधरी हमीद, महासचिव अमरीक सिंह रीन, अतिरिक्त महासचिव रशीद मलिक, कोषाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह, पूर्व सांसद महबूब बेग, राजिंद्र मन्हास, परवेज वफा, विरेंद्र सिंह सोनू आदि ने संबोधित किया।  

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