केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने महबूबा से की मुलाकात
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ताजा घटनाक्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने श्रीनगर पहुंचकर महबूबा से मुलाकात की। नजमा ने कहा कि यह मुलाकात सिर्फ शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए है।
माना जा रहा है कि आधा घंटे की मुलाकात में दोनों के बीच सरकार गठन पर भी बात हुई। एक तरह से केंद्र की दूत बनकर आईं नजमा ने महबूबा की कथित नाराजगी को दूर करने की कोशिश भी की।
सरकार गठन में हो रही देरी पर उमर ने उठाए सवाल
वहीं उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से पूछा है कि यदि वह मुख्यमंत्री बनने में असमर्थ हैं या फिर नहीं बनना चाहती हैं तो विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि वह इसी तरह हिचकिचाती रहीं तो यह रियासत की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा। यदि आप अपने कंधों पर दी गई जिम्मेदारियों का निवर्हन करने में असमर्थ हैं या फिर इच्छा नहीं रखती हैं तो राजभवन को विधानसभा भंग करने की संस्तुति भेजें।
इसके बाद जनता चुनाव में नए सिरे से फैसला करे। उन्होंने कहा कि महबूबा की अनिच्छा की वजह से ही रियासत में एक वर्ष में दूसरी बार राज्यपाल शासन लगा। राज्य के लोगों को काफी अपेक्षाएं हैं। बाढ़ पीडि़तों को राहत पैकेज, उद्योगों को पावर प्रोजेक्ट्स की वापसी, ठेकेदारों को विकास के लिए अधिक धनराशि तथा बेरोजगार युवाओं को अधिक नौकरी के अवसरों की अपेक्षा है।
उमर ने विधानसभा भंग कर चुनाव कराने को कहा
आपकी अनिच्छा को आपकी पार्टी के ही लोग सौदेबाजी की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी तरह पता है कि गठबंधन लड़खड़ा रहा है और रसातल में जाने की कगार पर है।
मुफ्ती साहब की ओर से एजेंडा आफ एलायंस का जो दस्तावेज आपको विरासत में सौंपा गया है, उसकी गठबंधन पार्टनर ने अनदेखी की और आप इससे नाराज हैं। हमें यह बताया गया है कि आप तब तक कार्यभार नहीं संभालेंगी जब तक प्रधानमंत्री से इस बाबत कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता।