IS का झंडा लहराने से कश्मीरी लोग देशद्रोही नहीं हो सकते : महबूबा
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर का सच लोगों के सामने लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद करना और शांति से रहना कश्मीरियों की पहचान रही है, लेकिन इसका गलत प्रचार हो रहा है, जिसकी वजह से लोगों ने कश्मीर से दूरियां बना लीं। पर्यटन विभाग के कार्यक्रम में बोलते हुए महबूबा ने तीनों खित्तों की शांति बनाए रखने पर बल दिया।
आईएस का झंडा लहराने से कश्मीरी लोग देशद्रोही नहीं हो सकते। कुछ शरारती तत्व हैं, जो माहौल बिगाड़ने के लिए ऐसा करते हैं। कश्मीर के खिलाफ दुष्प्रचार बंद होना चाहिए। इसके लिए देशभर के पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को साथ देना होगा। मीडिया को भी चाहिए कि कश्मीर के सही रूप को जनता के सामने पेश करे।
पिछले कुछ उदाहरण देते हुए बताया कि कश्मीर आने वाले लोगों को जब कभी कोई दिक्कत का सामना करना पड़ा, तो कश्मीरी लोगों ने उनकी मदद की। यह भी कहा कि कश्मीर में आने वाले लोग कश्मीर में शांति बनाने में मदद करते हैं।
शांति बहाली के लिए फिर वायपेयी फार्मूले की वकालत
वहीं जम्मू कश्मीर में शांति के लिए फिर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी के फार्मूले पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के वक्त पाकिस्तान से शांति की बात कामयाब हुई। बदकिस्मती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ऐसा नहीं हो पाया।
हालांकि प्रधानमंत्री की तरफ से पाक पीएम से मिलने की अच्छी पहल थी, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हो पाया। भाजपा की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि कश्मीर के हालात खराब होने के बावजूद जम्मू में शांति बनाए रखने में उनका योगदान रहा।