एकसाथ आए उमर और महबूबा, कहा- कश्मीरी या जम्मू के मुस्लिमों ने नहीं किया सीआरपीएफ पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्रियों ने देश भर में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि कश्मीरियों पर हमलों से कश्मीर के युवाओं को लग रहा है कि कश्मीर के बाहर उनका कोई भविष्य नहीं है। ऐसे हमलों से हम उन ताकतों के जाल में फंस रहे हैं जोकि सीआरपीएफ पर हमले के पीछे हैं। धार्मिक आधार पर निर्दोष लोगों पर हमले सीआरपीएफ के शहीद जवानों का सम्मान नहीं है।
कश्मीरी मुस्लिमों या जम्मू मुस्लिमों ने सीआरपीएफ के जवानों पर हमला नहीं किया है। आतंकवादियों ने हमला किया है। आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। न कि धर्म के आधार पर विभाजित होने की। कश्मीरियों और आतंकवादियों को एक नजर से देखे जाना ठीक नहीं है। कोई भी मुख्यधारा की पार्टी आतंकवाद के पक्ष में नहीं है।
जम्मू में हिंसा की घटनाओं पर दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सियासी दलों व सिविल सोसायटी से शांति बनाए रखने में भूमिका निभाने की अपील की है। भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में सुरक्षा बलों पर जघन्य हमले के बाद अपने ही लोगों पर हमले ठीक नहीं हैं।
बिगड़े हालात के चलते नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के प्रमुख नेताओं को संयुक्त बयान जारी कर लोगों से शांति की अपील करनी पड़ी है। स्थिति को बेहतर बनाने की कवायद के तहत ऐसा किया गया।-फिरदौस टाक, पीडीपी प्रवक्ता एवं एमएलसी
महबूबा को नहीं निकलने दिया आवास से
सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से पीडीपी की अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अंबफला स्थित सरकारी आवास से बाहर नहीं निकलने दिया गया। पीडीपी नेता फिरदौस टाक के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री को उनके आवास से बाहर नहीं जाने दिया गया है। अपने आवास पर ही महबूबा ने पार्टी के संभागीय नेताओं से हालात पर चर्चा की।
महबूबा का जम्मू आना गलत: अशोक
शिवसेना जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा है कि जम्मू में हालात को देखते हुए कश्मीरी नेता एवं पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को प्रशासन ने जम्मू नहीं आने देना चाहिए था। महबूबा के जम्मू में रहने से हालात के बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी।