{"_id":"5e49a16d8ebc3ee5d734f27b","slug":"meeting-jammu-news-jmu204037154","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों के विकास के लिए 10 करोड़ मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों के विकास के लिए 10 करोड़ मंजूर
विज्ञापन
राजौरी में आदिवासी क्लस्टर मॉडल गांवों के लिए बैठक करते डीसी।
- फोटो : RAJOURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। क्लस्टर ट्राइबल मॉडल गांवों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए डीसी मोहम्मद नजीर शेख ने रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें नाहर कस्सी, गाई, पलांगर, जमोला-अपर ए और जमोला अपर-बी सहित क्लस्टर मॉडल गांवों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बारे में चर्चा की गई। बताया गया कि क्लस्टर आदिवासी मॉडल गांवों के रूप में उक्त गांवों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि ट्राइबल आबादी वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने और शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, बागवानी, कृषि, डेयरी, पर्यटन को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार किया जाना चाहिए ताकि वे प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को इन गांवों की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के उद्देश्य से क्लस्टर आदिवासी मॉडल गांवों के लिए तैयार किए जाने वाले डीपीआर में कुछ नवीनता लाने की सलाह दी।
डीसी ने सरपंचों और पंचों से बातचीत की और क्षेत्र की आम जनता की समस्याओं से अवगत कराया। सरपंचों और पंचों ने पेयजल सुविधा में सुधार, बिजली आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाएं, सड़क की स्थिति में सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों में कर्मचारियों की कमी, खराब हो चुके पीएचई पाइपों की जगह, बिजली के खंभे की कमी, एसबीएम और मनरेगा भुगतान की वृद्धि सहित अपने क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों का अनुमान लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा कि ट्राइबल आबादी वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने और शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, बागवानी, कृषि, डेयरी, पर्यटन को ध्यान में रखते हुए डीपीआर तैयार किया जाना चाहिए ताकि वे प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने अधिकारियों को इन गांवों की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के उद्देश्य से क्लस्टर आदिवासी मॉडल गांवों के लिए तैयार किए जाने वाले डीपीआर में कुछ नवीनता लाने की सलाह दी।
विज्ञापन
डीसी ने सरपंचों और पंचों से बातचीत की और क्षेत्र की आम जनता की समस्याओं से अवगत कराया। सरपंचों और पंचों ने पेयजल सुविधा में सुधार, बिजली आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाएं, सड़क की स्थिति में सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों में कर्मचारियों की कमी, खराब हो चुके पीएचई पाइपों की जगह, बिजली के खंभे की कमी, एसबीएम और मनरेगा भुगतान की वृद्धि सहित अपने क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों का अनुमान लगाया।
विज्ञापन