कश्मीर: हिरासत में ही रहेंगे अलगाववादी, अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती, 10 दिन में सुविधाएं होंगी बहाल
- गृह मंत्री ने एनएसए, गृह सचिव, आईबी प्रमुख के साथ की बैठक, जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा
- अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों और सेना को हटाने पर कोई विचार नहीं, 10 दिन में सुविधाएं होंगी बहाल
- सभी सुविधाएं बहाल होने के बाद ही छोडे़ जाएंगे हिरासत में लिए गए क्षेत्रीय दलों के नेता
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केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नए जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेताओं को कोई रियायत नहीं देने का फैसला किया है। अलगाववादी नेता फिलहाल हिरासत में ही रहेंगे। वहीं, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। अगले दस दिनों में आम लोगों के लिए सभी सेवाएं और सुविधाएं बहाल कर दी जाएंगी। सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, गृह सचिव राजीव गाबा और खुफिया ब्यूरो (आईबी) प्रमुख अरविंद कुमार सहित कई शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर कश्मीर के हालात की समीक्षा की।
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जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से लगातार कश्मीर घाटी में डेरा डाले रखने के बाद दिल्ली लौटे डोभाल ने शाह को कश्मीर के हालात से अवगत कराया। सूत्रों ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में सुविधाएं बहाल कर स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। इस दौरान इसके दुरुपयोग पर खास निगाह रखी जाएगी। जम्मू-कश्मीर में तैनात अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों और सेना को हटाने पर कोई विचार नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सारी सुविधाएं और सेवा बहाल होने के बाद स्थिति की समीक्षा कर पहले हिरासत में लिए गए क्षेत्रीय दलों के नेताओं को छोड़ा जाएगा। इसके बाद देश की विभिन्न जेलों में बंद अलगाववादी नेताओं पर विमर्श शुरू होगा।
गिलानी को इंटरनेट सेवा जारी रखने के मामले में दो बीएसएनएल अफसर नपे
जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लगाने और इंटरनेट पर पाबंदी के बावजूद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के ट्वीट करने के मामले में बीएसएनएल के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि दोनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस नेता गिलानी को प्रतिबंध को ताक पर रखकर इंटरनेट लिंक मुहैया कराया था। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता गिलानी को संचार सेवा पर रोक के बावजूद इंटरनेट एक्सेस देने के मामले में यह कार्रवाई की गई। 4 अगस्त से घाटी में इंटरनेट पाबंदी के बावजूद गिलानी को लैंडलाइन और इंटरनेट सेवा जारी थी।
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कश्मीर पर विवादित टिप्पणी कर घिरीं शेहला
वहीं जेएनयू छात्रा और पूर्व छात्र संघ नेता शेहला राशिद जम्मू-कश्मीर पर विवादित टिप्पणी करने के बाद घिरती नजर आ रही हैं। शेहला ने कई ट्वीट कर कश्मीर में अत्याचार की बात कही तो सेना ने कहा, ये बेबुनियाद और तथ्यहीन आरोप हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है। कुछ असामाजिक तत्व और संगठन नफरत भरी झूठी खबरें फैलाकर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। शेहला अभी पूर्व आईएएस शाह फैसल की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट से जुड़ी हैं। विवादित टिप्पणी मामले में शेहला के खिलाफ मुंबई और दिल्ली में केस दर्ज कराया गया है।
15वें दिन खुले प्राथमिक स्कूल, मोबाइल-इंटरनेट सेवा अभी बंद
जम्मू-कश्मीर में पाबंदियों के बाद सोमवार को ज्यादातर प्राथमिक स्कूल खुल गए, जबकि निजी स्कूल बंद ही रहे। हालांकि, 15 दिन बाद खुले इन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति आम दिनों के मुकाबले बेहद कम रही। श्रीनगर में 190 स्कूल खुले। उच्च विद्यालय और अन्य जिलों के स्कूल भी शीघ्र खोले जाएंगे। अफसरों ने बताया कि जितने दिनों तक स्कूल बंद रहे हैं, उनके बदले इस महीने बाद में पूरक कक्षाएं लगाई जाएंगी। श्रीनगर में सोमवार को कई इलाकों में शांति के बाद बैरिकेड्स हटा दिए गए, जिसके बाद निजी वाहनों से आवाजाही बढ़ी। हालांकि बाजार बंद रहे और सार्वजनिक वाहन भी सड़कों पर नहीं दिखे। वहीं, कश्मीर में मोबाइल सेवा की बहाली इस हफ्ते के आखिर तक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में केवल इनकमिंग कॉल की सुविधा दी जाएगी। इससे यहां के स्थानीय लोग जम्मू-कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों से कॉल अटेंड कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय कॉल की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे।
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राजनाथ के बयान के बाद बेचैन पाक ने बढ़ाया सेना प्रमुख बाजवा का कार्यकाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पीओके वाले बयान के बाद बेचैन पाकिस्तान ने अपने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह फैसला मौजूदा हालात के मद्देनजर लिया है। इमरान को लगता है कि कोई नया सेना प्रमुख हालात से ठीक से नहीं निपट सकेगा। बाजवा पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ के कार्यकाल के दौरान नवंबर, 2016 में सेना प्रमुख बने थे। हाल ही में इमरान ने खुद कहा था कि भारत पीओके में बालाकोट से भी बड़ी कार्रवाई करने की सोच रहा है।
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भारतीय उप उच्चायुक्त चौथी बार तलब
पाकिस्तान ने भारत पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप मढ़ते हुए चौथी बार भारतीय उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को तलब किया है। अहलूवालिया को एक हफ्ते में चौथी बार तलब किया गया है। उन्हें कथित संघर्ष विराम उल्लंघन पर 14, 15 और 16 अगस्त को तलब किया जा चुका है। दरअसल, पाक संघर्ष विराम उल्लंघन की आड़ में भारतीय सीमा में आतंकियों की घुसपैठ कराता है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देती है। पाक के दक्षिण एशिया और सार्क मामलों के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने आरोप लगाया कि 18 अगस्त को चिरीकोट और हॉट स्प्रिंग सेक्टरों में भारत ने सीजफायर उल्लंघन किया, जिसमें दो नागरिक की मौत हो गई और एक सात वर्षीय बच्चा घायल हो गया।