फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Medical Officer Dr Amandeep Kaur said make right choice of food by changing the routine diseases can be remov

बदलते मौसम में बरतें एहतियात: खानपान का करें सही चुनाव, दिनचर्या में बदलाव कर रोगों को कर सकते हैं दूर

Fri, 10 Mar 2023 05:09 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 10 Mar 2023 05:09 PM IST
सार

डॉ. अमनदीप कौर ने बताया कि बसंत ऋतु में जौं, पुराना गेहूं, पुराने चावल, बाजरा, मूंग, खिचड़ी, कुलत्थ, परवल, करेला, बैंगन आदि का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस समय कड़वे रस वाली सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।

विज्ञापन
Medical Officer Dr Amandeep Kaur said make right choice of food by changing the routine diseases can be remov
Food - फोटो : Istock

विस्तार

उत्तरायण की दूसरी ऋतु को बसंत ऋतु के नाम से जाना जाता है। इसका काल मध्य मार्च से मध्य मई तक है। इसमें शरीर का खास ध्यान रखना होता है। आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार इस ऋतु को संशोधनकाल भी माना गया है।

विज्ञापन


राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय की चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमनदीप कौर के अनुसार मानव जीवन के स्वास्थ्य पर ऋतुओं का सीधा प्रभाव पड़ता है। मौसम के थोड़े से बदलाव से ही लोगों के शरीर पर इसका प्रभाव देखने को मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार निरोग रहने के लिए प्रत्येक ऋतु में दिनचर्या में बदलाव की जानकारी होनी चाहिए। प्रकृति के साथ शरीर को जोड़ने से अनेक रोगों से दूर रहा जा सकता है।
विज्ञापन


इनका कर सकते हैं सेवन

बसंत ऋतु में जौं, पुराना गेहूं, पुराने चावल, बाजरा, मूंग, खिचड़ी, कुलत्थ, परवल, करेला, बैंगन आदि का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस समय कड़वे रस वाली सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए। इसके साथ ही कसैले रस वाले पदार्थों का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। मधु (शहद) का प्रयोग भी इस समय स्वास्थ्य के लिए उचित है। हल्के गुनगुने पानी का सेवन अति उत्तम माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है लाभदायक

आयुर्वेद के आचार्यो ने बसंत ऋतु में व्यायाम को अत्यंत लाभदायक बताया है। इसके साथ ही केसर, चंदन और अंगुरु को मिलाकर इनका लेप शरीर पर लगा या इनके चूर्ण को उबटन की तरह प्रयोग किया जा सकता है। आंखों में अंजन (काजल, सुरमा) लगाएं। इससे आंखों से कफ का विस्राव होगा और नेत्र की ज्योति अच्छी रहेगी। इस समय शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए वमन-विरेचन इत्यादि शोधन कर्म अवश्य करवाने चाहिए। इसमें स्नान हल्के गुनगुने पानी से करना लाभदायक होता है।


क्या करने से बचें

बसंत ऋतु के आगमन पर उन आहारों को प्रयोग में नहीं लेना चाहिए, जिन्हें पचने में अधिक समय लगे। इस ऋतु में पाचन शक्ति मंद हो जाती है। इससे इस समय हल्का खाना, कम मात्रा में खाना, तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। मीठे पदार्थों और नमकीन पदार्थों का सेवन भी कम से कम करना चाहिए। दिन में सोना इन दिनों में विशेष रूप से वर्जित माना गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed