{"_id":"653ae3b832ae20eb5e092c64","slug":"medical-employee-fedration-jammu-news-c-10-jam1006-231228-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: त्योहारों में वेतन न मिलने से 2211 हेड के चिकित्सा कर्मी बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: त्योहारों में वेतन न मिलने से 2211 हेड के चिकित्सा कर्मी बेहाल
विज्ञापन
जम्मू में वीरवार को पत्रकार वार्ता करते जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुशील स
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन ने 2211 हेड के अधीन चिकित्सा कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे का स्थायी समाधान पर जोर दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को 4 से 5 महीने बाद वेतन जारी किया जा रहा है, जिससे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगस्त से वेतन लंबित है। इसके साथ जीपी फंड का समय पर भुगतान किया जाए। चेतावनी दी कि अगर मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो सड़कों पर उतरेंगे।
प्रधान व फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य सुशील सूदन ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर गौर करना चाहिए। वेतन के लिए स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा जीपी फंड मामलों में राहत देते हुए 15 दिन में निपटान किया जाए। पिछले छह माह से कर्मचारी जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के घरों में वेतन न मिलने से जरूरी काम रुक गए हैं। जीपी बेहतर प्रबंधन के लिए फंड को जेके बैंक में स्थानांतरित किया जा सकता है। सरकार को पांच साल से अधिक समय से एक जगह पर बैठे कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के मामलों में गंभीर बीमार कर्मचारियों को तवज्जो देते हुए उन्हें गृह स्थलों के पास तैनात किया जाना चाहिए। ऐसे कर्मचारियों की नई नियुक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए, जो किडनी, कैंसर आदि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके साथ जल्द पुरानी पेंशन योजना पर विचार किया जाए। 4 नवंबर को एक्शन कमेटी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कार्यक्रम में सामूहिक रूप से भाग लेने का आग्रह किया। रमन आनंद सुपरवाइजर्स फार्मासिस्ट को फेडरेशन में सलाहकार का कार्यभार सौंपा गया। यहां परफुलत सिंह, भारत भूषण भगत, जसविंदर सिंह, शफकत हुसैन शेख मौजूद रहे।
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन ने 2211 हेड के अधीन चिकित्सा कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे का स्थायी समाधान पर जोर दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को 4 से 5 महीने बाद वेतन जारी किया जा रहा है, जिससे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगस्त से वेतन लंबित है। इसके साथ जीपी फंड का समय पर भुगतान किया जाए। चेतावनी दी कि अगर मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो सड़कों पर उतरेंगे।
प्रधान व फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य सुशील सूदन ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जायज मांगों पर गौर करना चाहिए। वेतन के लिए स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा जीपी फंड मामलों में राहत देते हुए 15 दिन में निपटान किया जाए। पिछले छह माह से कर्मचारी जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के घरों में वेतन न मिलने से जरूरी काम रुक गए हैं। जीपी बेहतर प्रबंधन के लिए फंड को जेके बैंक में स्थानांतरित किया जा सकता है। सरकार को पांच साल से अधिक समय से एक जगह पर बैठे कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के मामलों में गंभीर बीमार कर्मचारियों को तवज्जो देते हुए उन्हें गृह स्थलों के पास तैनात किया जाना चाहिए। ऐसे कर्मचारियों की नई नियुक्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए, जो किडनी, कैंसर आदि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके साथ जल्द पुरानी पेंशन योजना पर विचार किया जाए। 4 नवंबर को एक्शन कमेटी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों से कार्यक्रम में सामूहिक रूप से भाग लेने का आग्रह किया। रमन आनंद सुपरवाइजर्स फार्मासिस्ट को फेडरेशन में सलाहकार का कार्यभार सौंपा गया। यहां परफुलत सिंह, भारत भूषण भगत, जसविंदर सिंह, शफकत हुसैन शेख मौजूद रहे।
विज्ञापन