फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Medi-City to be developed in Meera Sahib at a cost of 993.81 crore; 3,701 people to get employment.

Jammu News: मीरां साहिब में 993.81 करोड़ से विकसित होगी मेडी-सिटी, 3,701 को मिलेगा रोजगार

विज्ञापन
Medi-City to be developed in Meera Sahib at a cost of 993.81 crore; 3,701 people to get employment.
मेडी-सिटी के लिए प्रपोज्ड प्रोजेक्ट। स्रोत: इंटरनेट
बंद हो चुकी तारपीन फैक्ट्री की जगह बनेगा चिकित्सा हब, देश के चार बड़े हॉस्पिटल खुलेंगे
विज्ञापन

सुभाष चंद्र
आरएस पुरा। प्रदेश सरकार ने मीरां साहिब में बंद पड़ी तारपीन एंड रोजिन फैक्ट्री की जमीन का इस्तेमाल कर मेडी-सिटी बनाने के तेजी से शुरू कर दिया है। इस जगह पर चार हॉस्पिटल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। करीब 993.81 करोड़ रुपये से विकसित होने वाली मेडी-सिटी से इस क्षेत्र के 3,701 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। विधान सभा सत्र के दौरान यह जानकारी जम्मू साउथ के विधायक नरेंद्र सिंह को एक सवाल के जवाब में दी है।
बंद पड़ी रोजिन और तारपीन फैक्ट्री की स्थिति और उसकी कीमत जमीन के इस्तेमाल के बारे में विधान सभा में सवाल पूछा गया था। सरकार के मुताबिक, मीरां साहिब में तारपीन फैक्ट्री 1980 के दशक की शुरुआत में जंगल के रेजिन को रोजिन और तारपीन में प्रोसेस करने के लिए बनाई गई थी। बाद में जम्मू और कश्मीर इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जेकेआइ) ने इस यूनिट को मॉडर्न बनाया और मॉडर्न फैसिलिटी अक्टूबर 1984 में आरंभ की गई। सरकार ने कहा कि फैक्ट्री ने शुरू में ठीक-ठाक काम किया और इसके प्रोडक्ट्स की मार्केट में काफी डिमांड थी। हालांकि, मैनपावर और मेंटेनेंस पर ज्यादा खर्च सहित स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण पिछले कुछ सालों में इसकी परफॉर्मेंस में गिरावट आई।
विज्ञापन

वन विभाग से इसके मुख्य रॉ मटेरियल, रोजिन की सप्लाई में रुकावट ने इसके ऑपरेशन पर असर डाला। यूनिट के लंबे समय तक नॉन-ऑपरेशनल होने को देखते हुए, सरकार ने मौजूद जमीन का इस्तेमाल प्रोडक्टिव कामों के लिए करने का फैसला किया। इसमें कहा गया कि एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल ने 15 दिसंबर, 2021 के आदेश के तहत डायरेक्टरेट ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, जम्मू के तहत एक मेडी-सिटी बनाने का फैसला किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

22 दिसंबर 2021 के ऑर्डर ने मीरां साहिब में जेकेआई की 100 कनाल जमीन पर मेडी-सिटी बनाने को मंजूरी दी। जमीन जम्मू एसआईसीओपी को सौंप दी गई है।सरकार ने आगे बताया कि हाई लेवल लैंड अलॉटमेंट कमेटी एचएलएलएसी, जम्मू ने 14 अगस्त, 2026 को हुई अपनी बैठक में अस्पताल बनाने के लिए प्रपोज़्ड प्रोजेक्ट्स के लिए चार अलॉटमेंट को मंजूरी दी है। इन चारों प्रोजेक्ट्स में कुल मिलाकर 993.81 करोड़ रुपये का प्रपोज्ड इन्वेस्टमेंट शामिल है और इससे लगभग 3,701 रोजगार के मौके मिलने की उम्मीद है।
अलॉटमेंट में 88 कनाल जमीन शामिल
मंजूर किए गए अलॉटमेंट में 88 कनाल जमीन शामिल है। सरकार ने कहा कि साइट पहले से ही डेवलप है और इसमें बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर है क्योंकि इसे पहले जम्मू और कश्मीर इंडस्ट्रीज लिमिटेड इस्तेमाल करता था। जम्मू कश्मीर इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी 2021-30 के तहत, अलॉटी को पजेशन की तारीख से तीन साल के अंदर प्रोडक्शन शुरू करना होता है, जिसमें संबंधित जमीन की मंजूरी या सिफारिश के आधार पर एक-एक साल के दो एक्सटेंशन का प्रोविजन है।
-------
सरकार के जवाब से पता चलता है कि लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रही इंडस्ट्रियल साइट को अब जम्मू क्षेत्र में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, इन्वेस्टमेंट और रोजगार मिलने के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। - डाॅ. नरेंद्र सिंह, विधायक, आरएस पुरा जम्मू साउथ

कभी तीन शिफ्टों में होता था काम
तारपीन कारखाने में काम करने वाले बुजुर्ग थोडू राम मांडी ने बताया कि कभी इस स्थान पर क्षेत्र के लोग तीन शिफ्टों में कार्य करते थे और उनके घर परिवार का खर्च चलता था। कारखाना बंद होने पर क्षेत्र के लोगो से रोजगार चला गया। अब उक्त स्थान पर मेडी-सिटी बनाए जाने पर यहां राज्य के लोगों को नौकरियां मिलेंगी वहीं क्षेत्र के लोगों को भी कारोबार के लिए भी बेहतर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed